चीनी लोन ऐप लोगों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। हाल ही के दिनों में पुलिस के पास भोपाल-इंदौर से तकरीबन 700 के लगभग शिकायतें पहुंची हैं। समय पर किस्त भरने के बाद भी लोन देने वाली कंपनियां ब्लैकमेल करती हैं। बीते कुछ माह में लोन ऐप की वजह से इंदौर-भोपाल में पहले दो छात्रों ने खुदकुशी की और अब एक इंजीनियर ने अपने पूरे परिवार का ख़ात्मा कर लिया। पिछले कुछ समय में प्रदेश के इन दोनों बड़े शहरों से 700 के लगभग इसी तरह के केस सामने आ चुके हैं, जिनमें पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है। 

इस मामले पर एक बड़ा एक्शन लेते हुए, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यदि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की गाइडलाइन का पालन किए बिना ऐप से लोन दिए जायेंगे तो आरोपियों की जगह जेल में होगी। इस तरह से नियमों के खिलाफ कर्ज देने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा है।  

भोपाल साइबर क्राइम डीसीपी का कहना है कि अकेले राजधानी भोपाल से ही इंस्टेंट लोन ऐप के फर्जीवाड़े के मामले में हाल के दिनों में 200 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। जिन्होंने लिखित रूप से ब्लैकमेलिंग की शिकायत की है। वहीं इंदौर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी ने बताया कि लोन ऐप से पीड़ित औसतन तीन लोग हर दिन क्राइम ब्रांच पहुंच रहे हैं। वहीं 500 से अधिक इसी तरह की शिकायतें आ चुकी हैं।

 

आपको बता दें हाल ही में इंदौर में कर्ज से परेशान अमित यादव ने बीवी-बच्चों को ज़हर देकर उनकी जान ले ली और फिर खुद भी इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। अमित ने ऑनलाइन लोन ऐप से 3 लाख का लोन लिया था, फिर लोन न चुका पाने के कारण अमित ने ये घातक कदम उठाया।

अमित यादव ने पहले अपनी पत्नी और 2 बच्चों को जहर देकर मार डाला, इसके बाद वो खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गया। इंदौर के इस आत्महत्या मामले में एसआइटी के साथ-साथ पुलिस भी जांच करेगी। इसी के चलते गृहमंत्री ने इस मामले में बड़ा फैसला लिया है।