भोपाल: राज्य सरकार के राजस्व मंडल में दो सदस्यों से गठित डिवीजन बैंच के सदस्यों में मत भिन्नता होने की दशा में, मामले में दोनों सदस्यों के मत को अभिलिखित किया जायेगा तथा मंडल अध्यक्ष द्वारा नामांकित तीसरे सदस्य द्वारा इन मतों पर भी विचार करते हुये मामले का अंतिम रुप से निराकरण किया जायेगा। यह नया प्रावधान 38 साल पुराने नियमों को रद्द कर नये नियम राजस्व मंडल की एकल पीठ तथा खण्ड पीठ की अधिकारिता नियम 2022 में किया गया है। नये नियम जल्द  प्रभावशील किये जायेंगे।

उल्लेखनीय है कि अब तक राजस्व मंडल में एकल पीठ का ही प्रावधान था परन्तु गत 13 जून 2022 को राजस्व मंडल में खण्डपीठ का प्रावधान करने के लिये अध्यादेश जारी किया गया है तथा इसका विधेयक अब विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में रखा जायेगा। इसी अध्यादेश के तहत ये नये नियम जारी किये गये हैं।

नये नियम में प्रावधान है कि मंडल अध्यक्ष खण्डपीठों में बीच कार्यों का बंटवारा करेंगे तथा अध्यक्ष किसी मामले में आदेश देकर उसे फुल बैंच के सामने रखने के लिये कह सकेगा। एकल सदस्य वाली बैंच भी किसी मामले में सिफारिश कर सकेगी कि इसे डिवीजन बैंच के सामने रखा जाये तथा डिवीजन बैंच भी सिफारिश कर सकेगी कि किसी मामले को फुल बैंच के सामने रखा जाये।

नये नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी बैंच का कोई सदस्य शारीरिक रुप से उपस्थित नहीं हो पाता है तो वह किसी प्राधिकृत वेबलिंक के माध्यम से कार्यवाही में सम्मिलित हो सकेगा और ऐसी दशा में सुनवाई को नियमित सुनवाई समझा जायेगा।

नये सदस्य की नियुक्ति:

राज्य सरकार ने राजस्व मंडल में एक नये सदस्य की नियुक्ति कर दी है। सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश सागर भाउराव पाटिल को 2 वर्ष की अवधि के लिये राजस्व मंडल का सदस्य नियुक्त किया गया है। मंडल में आईएएस अधिकारी अश्विनी कुमार राय अध्यक्ष हैं जबकि दूसरे आईएएस अधिकारी मनु श्रीवास्तव सदस्य हैं। अब तीसरे सदस्य के रुप में भउराव पाटिल हो गये हैं। इससे दो सदस्यों की खण्डपीठ बन सकेगी।