मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना जिले में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में कन्या पूजन व दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय कृषि मेला व प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान राज्य मंत्री भरत सिंह कुशवाह, एंदल सिंह कंसाना सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

‘कृषि मेला एवं प्रदर्शनी’ के शुभारंभ अवसर पर अमृत सरोवरों का लोकार्पण, संजीवनी केंद्रों का शिलान्यास और स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का भूमिपूजन भी किया गया। साथ ही जिला अस्पताल मुरैना का नाम बदलकर "कुंअर जाहर सिंह शर्मा चिकित्सालय" किया गया।

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इस दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत "मेरी पॉलिसी मेरे हाथ" अभियान के तहत, चिन्हित किसानों को प्रतीकात्मक रूप से पॉलिसी वितरित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य उचित फसल स्वास्थ्य और उचित उपज, प्रत्याशित कृषि आय के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अनाजों की खरीद में किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। 

साथ ही सीएम किसान कल्याण योजना (मध्य प्रदेश सरकार) के तहत एमपी के पात्र किसानों को प्रति वर्ष 2 समान किस्तों में 4000 रुपए की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जाती है।

सीएम शिवराज का बड़ा बयान-

सीएम शिवराज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नहरों को पक्की कर मुरैना व भिंड जिले के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने का काम किया। करीब 539 करोड़ रुपए की लागत से बनाने वाली चेती खेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना को मध्य प्रदेश सरकार स्वीकृत कर रही है। हम श्योपुर जिले के लिए भी बड़ौदा का बाढ़ राहत नियंत्रण केंद्र, पाताल गढ़ का बांध निर्माण, आपदा बांध की मरम्मत, पार्वती एक्वा डैम की मरम्मत भी कर रहे हैं।

उन्होंने आगे बताया कि पिछले ढाई वर्ष में अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत से करीब 2 लाख 12 हजार करोड़ मध्य प्रदेश के 80 लाख किसानों के खाते में डालने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी व भाजपा की सरकार ने किया।

किसान नरवाई न जलाएं इसके लिए सीएम शिवराज ने कहा कि नरवाई काटकर भूसा बनाने के लिए एक मशीन आती है। हमने कैबिनेट में तय किया है कि अगर छोटे और सीमांत किसान अगर वह मशीन खरीदेंगे तो उनको 50 प्रतिशत राशि मध्य प्रदेश की सरकार देगी। अगर बड़े किसान उस मशीन को खरीदते हैं तो 40 प्रतिशत राशि सरकार देगी।

उन्होंने आगे कहा कि हमने तय किया है कि सामग्री प्रदाय केंद्रों से राशन की सामग्री दुकानों पर नौजवान अपनी गाड़ियों से ले जाएंगे। उसके लिए उनको हम गाड़ियां फाइनेंस करवाएंगे तथा गारंटी सरकार लेगी। इसका किराया हमने करीब 1 लाख 20 हजार तय किया है।