भोपाल: राज्य का वन विभाग वानिकी अनुसंधान के सौ साल पूरे होने पर आगामी नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह में राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर में टाईगर विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इसके लिये उसे पूरक बजट में डेढ़ करोड़ रुपये दिये जाने की मंजूरी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर की स्थापना हुई तो 27 जून 1963 को थी परन्तु इससे पहले भी अंग्रेजों के शासनकाल में यह अलग-अलग नामों के कार्यालयों से चलता रहा है। यह संस्थान वानिकी में रिसर्च करता है। गत 27 मार्च को पचमढ़ी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंतन मंत्रीमण्डल के सदस्यों का शिविर आयोजित किया था तथा इसी में उन्होंने निर्णय लिया था कि वानिकी अनुसंधान के सौ साल पूरे होने पर जबलपुर में स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान में इंटरनेशन कान्फ्रेन्स का आयोजन किया जायेगा।
यह सम्मेलन बाघ विषय पर केन्द्रित रहेगा तथा इसमें बाहरी देशों के कई विशेषज्ञ भी आयेंगे। सम्मेलन के आयोजन एवं विदेशी विशेषज्ञों के आने-जाने, ठहरने आदि का व्यय करने के लिये ही विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में पारित पूरक बजट में डेढ़ करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। यह बजट पहले वन विभाग की वन्य प्राणी शाखा को दिया जायेगा जहां से इसे राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर को स्थानांतरित किया जायेगा। पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ भोपाल जसबीर सिंह चौहान ने बताया कि वे इस सम्मेलन के आयोजन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।