भोपाल : विश्व के देशों द्वारा जर्मनी के बान में वर्ष 2011 में इंटरनेशनल यूनियन फॉर कन्सरवेशन ऑफ नेचर-आईयूसीएन का गठन किया गया है जिसका उद्देश्य वर्ष 2011 से लेकर वर्ष 2030 तक इस संगठन के सदस्य देशों में 350 मिलियन हैक्टेयर में वृक्षारोपण कर भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों के लिये क्लाईमेट चेंज के दुष्परिणों से बचाना है। आईयूसीएन के प्रतिनिधि ने मप्र के भोपाल आकर वन मुख्यालय के अधिकारियों से चर्चा कर बान चेलेन्ज के तहत अब तक की गई कार्यवाही का डाटा लिया है।

उल्लेखनीय है कि बान चेलेन्ज के तहत मप्र को वर्ष 2030 तक 28 लाख 30 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में वृक्षोरोपण करना है। वर्ष 2011 से अभी तक मप्र में 3 लाख हैक्टेयर में बिगड़े वनों को सुधार कर हरियाली ला दी है। अब उसे शेष आठ सालों में 25 लाख 30 हजार हैक्टेयर बिगड़े वनों का और सुधार करना है। आईयूसीएन के प्रतिनिधि ने वन मुख्यालय में वृक्षोरोपण का कार्य देखने वाली विकास शाखा के पीसीसीएफ चितरंजन त्यागी एवं ग्रीन इण्डिया मिशन के एपीसीसीएफ एसपी शर्मा से चर्चा कर बान चेलेन्ज के तहत अब तक की गई कार्यवाही का डेटा लिया है तथा अब इस डेटा को आईयूसीएन मुख्यालय को भेजा जायेगा।