पिछले विधानसभा चुनाव में निमाड-मालवा में सियासी ताकत बनकर उभरे जयस यानी जय आदिवासी छात्र शक्ति संगठन में आखिरकार 'घोषित तौर पर फूट' पड़ गई। आलम ठीक वैसा ही है जैसा महाकोशल में उभरी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ नजर आया था। इधर मप्र के विधानसभा चुनाव में आदिवासी वोट के लिये कांग्रेस और भाजपा की मशक्कत भी जारी है।

दोनों का उन 78 सीटों पर फोकस बढ़ा है जहां आदिवासी वोटर किसी को जिताने-हराने का माद्दा रखते हैं। इनमें से 47 सीटें रिजर्व हैं। बड़ी वजह यह भी है कि हाल ही के दिनों में आदिवासियों किसी राजनीतिक झंडे-बैनर से अलग एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाई है। भाजपा के मांडू चिंतन के बाद अगले महीने कांग्रेस ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जो रूट फाइनल किया है, वह आदिवासी इलाकों से गुजरता है। इसमें करीब 29 आदिवासी इलाकों की सीटें बढ़ेंगी। 

कांग्रेस-भाजपा का टेंशन हैं जयस 

राजनीतिक तौर पर जयस का उभार और सियासी हसरतें कांग्रेस व भाजपा को परेशान कर रही हैं। खासतौर पर मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में जयस का प्रभाव इतना ज्यादा देखने को मिला है। चार साल पहले कांग्रेस ने जयस को अपने पाले में करते हुए संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा को मनावर की एक सीट सौंपकर चुनाव का टिकट दिया था। लेकिन इसके बाद हुए बिखराव के कारण जयस में दो धडे हो गये हैं। हाल में भाजपा दिग्गजों ने मांडू में भाजपा प्रदेश प्रशिक्षण वर्ग के बहाने जनजातीय वर्ग को अपनी तरफ करने की रणनीति बनाई है।

अलावा पड़े अकेले 

दरअसल मनावर में जयस ने महापंचायत बुलाई तो एक और महापंचायत का आयोजन कुक्षी में भी हो गया। कुक्षी में मनावर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा और टीम ने महापंचायत का आयोजन किया। जबकि मनावर में जयस के प्रांतीय अध्यक्ष लालसिंह बर्मन सहित राजस्थान से भंवरलाल परमार और सामाजिक कार्यकर्ता आनंद राय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उधर कुक्षी में कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने कहा जयस आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव में 80 सीट पर चुनाव लडा जाएगा। पांचवी अनुसूची, पैसा एक्ट, महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी जैसे मुद्दों को लेकर लोगों के बीच जयस जाएगी।

गद्दारी किसने की

उधर मनावर महापंचायत में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आनंद राय ने कहा मनावर में अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री में स्थानीय रोजगार की वादाखिलाफी के मुद्दे और आदिवासी समुदाय की जमीन अधिग्रहण पर उचित मुआवजा देने के मुद्दे पर हमने जिन्हें विधायक बनाया उसने हमें निराश किया। आज वह हमें गद्दार कह रहा है। राय ने कहा क्षेत्र के लोगों के साथ किसने गद्दारी की सब जानते है। कुक्षी में विधायक डॉ. अलावा ने कहा जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वे जयस को आपस में लडवा कर अपना हित साधना चाहते है।