मध्यप्रदेश के कटनी ज़िले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक दर्जन गायों की मौत हो गई, जबकि घायल गायों की संख्या भी काफ़ी ज्यादा हैं। जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद ट्रक भी पलट गया।
MP: हाइवे पर बैठी गायों के झुंड को ट्रक ने कुचला, 12+ की मौत, 3 घायल।
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) August 31, 2022
घटना 30 अगस्त को कटनी के कुठला थाना अंतर्गत की।
2 दिन पुर्व सतना में गायों को उफनती नदी में फेंकने का वीडीयो सामने आया था।
दरअसल, गायों की बढ़ती आबादी किसानों और मुसाफिरो के लिए परेशानी का सबब बन गया है। pic.twitter.com/eOrrg4en34
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कटनी के कुठला थाना अंतर्गत चाका पीरबाबा बायपास के ट्रांसपोर्ट नगर से लगे हुए हाइवे के पास एक तेज रफ़्तार ट्रक ने गायों के झुंड को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे एक दर्जन गाय की मौके पर मौत हो गई और तीन गाय घायल हो गईं।
घटना स्थल पर गौ रक्षक कमांडो फोर्स की जिलाध्यक्ष अमिता श्रीवास अपनी टीम साथ पहुंची और घायल पशुओं का इलाज किया गया, साथ ही पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई। मृत गायों को नगर निगम द्वारा दफन किया गया।
A group of stick-wielding men was seen pushing cattle into a swollen river in #Satna district of #MadhyaPradesh. Following the incident, the police registered a case against the people involved in it.#Viral #ViralVideo #news #Viralnews pic.twitter.com/AgerIDbOl2
— Free Press Journal (@fpjindia) August 29, 2022
कुछ दिन पहले ही एमपी के सतना से एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें लोग गायों पर लाठी बरसाकर उन्हें नदी के तेज बहाव में धकेलते नज़र आ रहें थे। लेकिन अब सवाल तो यह है कि क्या कमलनाथ सरकार से लेकर शिवराज सरकार तक हिंदू वोट बैंक को अपनी तरह कनेक्ट करने के लिए गोधन संरक्षण के नाम पर जो योजनायें लेकर आई थी, वह आज भी सिर्फ़ सरकारी कागजों तक ही क्यों सीमित नज़र आ रही हैं।
प्रदेश में गोधन संरक्षण व संवर्धन के लिए 'गौकैबिनेट' गठित करने का निर्णय लिया गया है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) November 18, 2020
पशुपालन, वन, पंचायत व ग्रामीण विकास, राजस्व, गृह और किसान कल्याण विभाग गौ कैबिनेट में शामिल होंगे।
पहली बैठक 22 नवंबर को गोपाष्टमी पर दोपहर 12 बजे गौ अभ्यारण, आगर मालवा में आयोजित की जाएगी।
सरकार द्वारा शुरू की गई "गौ कैबिनेट" हो, या फिर गोधन संरक्षण के लिए प्रदेश भर में "गौशालाओं" का निर्माण करना हो, इसकी हकीकत सड़कों पर आज भी साफ़ नज़र आती है। सड़कों पर वाहनों के सामने पशुओं का लंबा झुंड लगभग सभी शहरों में देखने को मिलता है। ऐसे हालातों को देख "गोधन संरक्षण" के नाम पर चालू योजनायें सिर्फ़ सरकारी कागजों तक ही सीमित नजर आती हैं।
हमने अपने वचन को पूरा किया ,प्रदेश भर में गौशालाओं का निर्माण व्यापक स्तर पर चालू करवाया।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) November 18, 2020
चलो कांग्रेस सरकार के गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए किए जा रहे कामों से भाजपा सरकार को थोड़ी सदबुद्धि तो आयी और उन्होंने
गौमाता की सुध लेने की सोची लेकिन यदि गौ माता के संरक्षण व
आम आदमी की गैर जिम्मेदारियों के कारण ही पशुओं की यह हालत होती है, जिससे सड़क हादसे भी होते है। वाहनों की तेज गति से पशुओं को भी कई बार नुकसान झेलना पड़ता है। किसी भी पशु को नुकसान न पहुचें इसे ध्यान में रखते हुए, वाहनों की गति को सीमित रखना ही मानवता का सबसे बड़ा धर्म है।