सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर रीवा पुलिस ने 8 अक्टूबर से जिले भर में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस को भारी मात्रा में नशे के सामान मिले हैं। पिछले 6 दिनों में 3 ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें पानी, जमीन और हवा के जरिए नशीले पदार्थों का धंधा किया जा रहा था।
जानिए कैसे अवैध ड्रग डीलर पानी, जमीन और हवा का कर रहे हैं इस्तेमाल..
11 अक्टूबर को पुलिस टीम ने मऊगंज थाना इलाके के एक पहाड़ी गांव में छापेमारी की थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में काफी समय से अवैध शराब का धंधा चल रहा है, लेकिन पुलिस को छापेमारी के दौरान यहां कुछ भी नहीं मिला। बाद में पुलिस ने मुखबिर की मदद से शराब के ठिकाने की जानकारी हासिल की। इसके बाद पुलिस ने गांव के कुछ घरों में घुसकर खुदाई शुरू की।
संदिग्ध जगहों पर खुदाई किए जाने के बाद वहां से शराब के ड्रम निकलने लगे। इस पूरे ऑपरेशन में 405 लीटर देशी शराब जब्त की गई। पुलिस ने इस गांव के 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही 11 क्विंटल महुआ लहन भी नष्ट कर दिया गया है।
मालवाहक कोरियर से भारी मात्रा में लाया जा रहा नशीला सिरप..
11 अक्टूबर को सुबह पुलिस ने लोहो स्थित एसपीआर कार्गो कूरियर सर्विस पर छापेमारी की। तलाशी में रवेंद्र कृष्ण यादव के नाम से पार्सल किए गए 40 कार्टून मिले। ये कार्टून दिल्ली के द्वारका से भेजे गए थे। एक डिब्बे से 100 एमएल की 120 शीशी, 40 पेटियों से कफ सिरप की 4800 शीशियां बरामद की गई हैं। बिल की रसीद कृष्णा मेडिकल स्टोर, गोविंदगढ़ चौराहा के नाम पर थी। यह पार्सल हवाई मार्ग से भेजा गया था। आशंका है कि कोरेक्स की खेप बनारस और वहां से सड़क मार्ग से रीवा ले जाया गया है।
रीवा में बड़ी संख्या में युवा सर्दी, खांसी, होने पर दी जाने वाली कोरेक्स सिरप का उपयोग नशे के लिए कर रहे हैं। इस सिरप के सेवन से 200 मिली तक शराब के बराबर नशा होता है। इस सीरप को इसलिए प्रतिबंधित किया गया है क्योंकि इसे लेने के बाद मुंह से शराब जैसी गंध भी नहीं आती है।
इलाके के एएसपी ने बताया कि पुलिस को पानी के अंदर से शराब की तस्करी किए जाने की सूचना मिली थी। ऐसे में पुलिस की टीम तमस नदी पर टोंक गांव स्थित घाट पर छापेमारी करने पहुंची, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं आया। बाद में पुलिस ने नाव से नदी के पानी की तलाशी शुरू की। घंटों तक चले ऑपरेशन में शराब व 6 क्विंटल महुआ लहान पानी में छिपा मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
रीवा के एसपी का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर नशे के खिलाफ अभियान चल रहा है। हमने तीनों मार्गों - जल, भूमि और वायु के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी का पर्दाफाश किया है। जिले में 8 अक्टूबर से शुरू हुए हेल्पलाइन नंबर की लगातार जानकारी मिल रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई के लिए विशेष टीम तैनात की है। जहां कहीं भी अवैध रूप से नशीली दवाओं के व्यापार की शिकायतें मिलती हैं, वहां कार्रवाई की जा रही है।