भोपाल : राज्य के आबकारी कार्यालय ने अपने ई-आबकारी पोर्टल पर लिकर मेनुफक्चरिंग मॉड्यूल लाईव कर दिया है। इसमें अब आसवनी एवं बॉटलिंग इकाईयों की उत्पादन संबंधी कार्यवाहियां एवं समस्त परिवहन परमिट ई-आबकारी पोर्टल से ही जारी किये जायेंगे। पोर्टल पर स्प्रिट परिवहन मॉडयूल पूर्व में ही लाईव किया जा चुका है जिसके अंतर्गत स्प्रिट आयात/निर्यात/परिवहन की एनओसी/अनुमतियां जारी की जा रही हैं। उक्त के परिवहन/निर्यात परमिट भी ई-आबकारी के माध्यम से जारी होंगे।

आबकारी कार्यालय के अनुसार, वर्तमान में विनिर्माणी इकाईयों से संबंधी प्रक्रियाएं विभागीय एप्लीकेशन में प्रभारी अधिकारी के लॉगिन के माध्यम से की जाती है। ई-आबकारी पोर्टल पर इकाई के लायसेंसी को भी लॉगिन आईडी उपलब्ध कराई गई है। इकाई के लायसेंसी स्वयं की आईडी से उत्पादन संबंधी प्रविष्टियां एवं एनओसी/परमिट/अनुमति का आवेदन करेंगे। लायसेंसी द्वारा की गई मुख्य प्रविष्टियां (रॉ मटेरियल प्राप्ति, ब्लेंड/ब्रू बनाना, बॉटलिंग, इव्हीसी आदि) का प्रभारी अधिकारी द्वारा सत्यापन किये जाने उपरांत ही पोर्टल पर उपयोग हेतु प्रदर्शित होगी।

मैनुफेक्चरिंग मॉडयूल से संबंधित निर्धारित आबकारी शुल्कों (बॉटलिंग फीस, परिवहन फीस, परमिट/एनओसी फीस आदि) का भुगतान लायसेंसी को ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से स्वयं की आईडी पर संबंधित हेड में ई-वालेट में भुगतान करना होगा। सीधे सायबर ट्रेजरी के माध्यम से जमा किये गये चालान ई-आबकारी पोर्टल पर मान्य नहीं होंगे। पोर्टल के माध्यम से जारी एनओसी/परमिट/ अनुमति पर अधिकृत अधिकारी मैनुअल हस्ताक्षर के स्थान पर डिजिटल सिग्नेचर करेंगे।

पोर्टल के माध्यम से जारी की गई एनओसी/परमिट/अनुमति के ऊपरी भाग पर एक क्युआर कोड प्रिन्ट होगा, क्युआर कोड को स्कैन किया जाकर एनओसी/ परमिट/अनुमति की समस्त जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा। मदिरा प्रदाय हेतु जारी किये गये प्रत्येक परमिट के साथ एक अन्य क्युआर कोड प्रिन्ट होगा जिसे इकाई परिसर से वाहन रवानगी से पूर्व संबंधित वाहन के सामने वाले कांच पर चस्पा किया जाना अनिवार्य होगा। उक्त क्युआर कोड को स्कैन किया जाकर परमिट की समस्त जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा। वर्तमान में प्रचलित बोतल बंद मदिरा निर्यात की समस्त अनुमतियों संबंधी कार्यवाहियां एमपी ऑनलाईन के स्थान पर ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी।