उज्जयिनी में 'महाकाल लोक' भव्य और अलौकिक रूप में आकार ले चुका है। स्वयंभू महाकाल के आंगन में 'श्री महाकाल लोक' ने आकार लिया, जिसमें समय चक्र को मूर्तियों में ढालकर परम्पराओं को आधुनिकता के साथ पेश किया गया है।
श्री महाकाल लोक में मंदिर जाने के लिए बनाए कॉरिडोर की लंबाई 940 मीटर है। यह देश का सबसे बड़ा धार्मिक कॉरिडोर है, जो काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से भी तीन गुना बड़ा है।
रखा गया है सबका ध्यान-
कॉरिडोर में कमल कुंड, त्रिवेणी मंडपम्, ओपन थिएटर, मिड-वे जोन, शॉपिंग प्लाजा, फैसिलिटी सेंटर, रुद्रसागर के किनारे पंडाल आदि बनाए गए हैं।
आधुनिकता का पर्याय-
महाकाल लोक में मूर्तियों के 131 सेट लगाए जाएंगे। इसमें से पहले चरण में 82 सेट लग चुके हैं। यहां पर लगाई गई मूर्तियां शिव की गाथाओं पर आधारित हैं। इन गाथाओं को श्रद्धालु बारकोड स्कैन करके जान सकेंगे।
मजबूती बेजोड़-
175 मूर्तियां एफआरपी मटेरियल से बनी हैं। ये वजन में हल्का होता है। इस मटेरियल से बने होने के कारण बारिश और धूप की वजह से यह मूर्तियां न तो खराब होंगी, न ही इनमें जंग लगेगी।
शिव की महिमा-
कॉरिडोर में 108 स्तंभों पर शिव के आनंद तांडव की अलग-अलग 108 मुद्राएं प्रदर्शित की गई हैं। यहां पर 360 मीटर लंबी और 25 फीट ऊंची म्यूरल बॉल बनाई गई है।
यानि कि शिव शक्ति, शिव सामर्थ्य, शिव त्याग और शिव सर्वा की गाथाएं सुनाता ये कॉरिडोर देश का सबसे लंबा मंदिर कॉरिडोर है। ये ‘महाकाल लोक’ प्रकृति, कला और आधुनिकता के संगम से स्वयं महाकाल की छत्रछाया का आभास दिला देने वाला दिव्य लोक है।