मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में सड़कों का निर्माण न होने पर विरोध करने का अनोखा तरीका अपनाया है। मंत्री जी ने ग्वालियर में सड़क निर्माण नहीं होने से नाराज होकर गुरुवार को जूते-चप्पल पहनना बंद कर दिया। उन्होंने सड़कों का निर्माण नहीं होने पर शहर के लोगों से माफी भी मांगी है।
तोमर ने कहा- लक्ष्मण तलैया, गेंदेवाली रोड और जेएएच रोड के चलने योग्य होने तक वह फुटवियर नहीं पहनेंगे। यानि कि मंत्री जी जनता को इमोशनल ब्लैकमेल करते दिखाई दे रहे हैं। सड़क नहीं बनाने वालों पर कार्रवाई करने की बजाय मंत्री जी ने इस पर अलग ही तरह का कदम उठाते दिख रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने सबसे पहले लक्ष्मण तलैया से शब्द प्रताप आश्रम तक पैदल मार्ग का निरीक्षण किया। निर्माण की धीमी गति को लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों का निर्माण नहीं होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां से तोमर सड़क का निरीक्षण करने गेंदेदेवी पहुंचे। यहां भी सड़कें खुदी हुई थीं।
इलाके के क्षेत्रीय पार्षद ने ऊर्जा मंत्री तोमर को बताया कि अमृत योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाने के लिए विभिन्न गलियों में गड्ढ़े खोदे गए हैं। इसके बाद रोड की मरम्मत का काम न के जाने से लोगों को निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सुनकर ऊर्जा मंत्री तोमर ने अपने जूते उतारे और नंगे पांव ही उस रोड का निरीक्षण किया। मंत्री ने जेएएच अस्पताल चौराहे से हुजरात ब्रिज तक पैदल बिना जूते-चप्पल पहने ही निरीक्षण किया।
इससे पहले सिंधिया के समर्थक मुन्नालाल गोयल ने मेयर को पिंटो पार्क गोला का मंदिर की जर्जर सड़क पर धरना देने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। अब इन सड़कों को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का दर्द फैल गया है। उन्होंने 3 सड़कों को लेकर नाराजगी जताई।
मंत्री जी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट करके लिखा है, “अगर मेरी देवतुल्य जनता को कष्ट होगा, तो उसका अहसास मुझे भी होना चाईए, इसलिए मैंने संकल्प लिया है जब तक सड़क नही बन जाती तब तक आपका सेवक भी जूता -चप्पल का त्याग करता है। जनसेवक होने के नाते यही मेरा धर्म है- यही मेरा कर्म है।”