गुजरात चुनाव के सर्वें भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जाते दिखाई दे रहे है। इसके पीछे कई कारण हो सकते है, लेकिन चुनावी तैयारियों की बात करें तो बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी पूर्ण बहुमत से चुनाव जीतने के लिए तैयारियों में जुट गई हैं। लेकिन तैयारी की बात करें तो मौजूदा समय में सोशल मीडिया पर बीजेपी पहले से ज्यादा सक्रिय है। फिलहाल अहमदाबाद में एक मीडिया सेंटर भी शुरू किया गया है।

वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी सोशल मीडिया पर सक्रिय है लेकिन उनका संगठन कमजोर है और कार्यकर्ता अपेक्षाकृत कम है। कांग्रेस अभी भी सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय नहीं है और उनका संगठन भी कमजोर नजर आ रहा है। हालांकि, कांग्रेस के पास आप से अधिक विश्वसनीय कार्यकर्ता हैं। 

कैडर बेस कार्यकर्ताओं की फौज होने से बीजेपी को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है। विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही बीजेपी ने तैयारियां शुरू कर दी थी। बीजेपी कार्यकर्ता स्वीकार करते हैं कि आम आदमी पार्टी चौतरफा हमला करने में लगी हुई है, सोशल मीडिया पर अधिक मौजूदगी है, किसी भी मुद्दे पर बीजेपी को पछाड़ रही है। लेकिन उनका गुजरात में कोई आधार नहीं है और कोई भी AAP से जुड़ने को तैयार नहीं है।

यह भी पढ़ें: 

 
कांग्रेस के पास पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं की फौज है, लेकिन उनकी संख्या दिन-ब-दिन घटती जा रही है। इस वजह से कांग्रेस चुनावी जंग में अपने अपेक्षित कार्यकर्ताओं को संगठित नहीं कर पा रही है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ताओं की कमी के कारण जो भी कार्यकर्ता शामिल होता है उसे पदाधिकारी बनाया जा रहा है।
 
AAP का मिशन गुजरात-
 
आम आदमी पार्टी इस बार पूरे राज्य में पहली बार सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। AAP भले ही नई हो लेकिन अब तक 108 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। हालांकि, दहेगाम में एक चुने हुए उम्मीदवार के नाम पर आप कार्यकर्ताओं में असंतोष की लहर दौड़ गई है। ऐसे में कहीं न कहीं उम्मीदवारों के चयन में भारी कटौती की जा रही है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस या बीजेपी से पहले उम्मीदवारों की घोषणा की है।