नौकरशाही के प्रति सख्त तेवर दिखा रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार आज अनूपपुर जिले की सुबह सात बजे समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन की गलत जानकारी देने पर उन्होंने कार्यपालन अभियंता से माफी मांगने को कहा। दरअसल इस मामले में सीएम के पास पहले से ग्रामीणों की कुछ शिकायतें थीं वहीं मंत्री बिसाहूलाल सिंह भी संतुष्ट नहीं थे। लिहाजा शिवराज ने अनूपपुर कलेक्टर से पूछा कितने प्रतिशत लक्षित परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का काम हुआ है? इस पर कलेक्टर ने बताया 1.29 लाख का टारगेट था। पिछली बार 102 प्रतिशत पूरा हुआ। इस बार टारगेट 9435 का है, 4 हजार पूरे हुए।

जब सीएम ने फिर पूछा काम की क्वालिटी के बारे में कुछ शिकायतें हैं क्या? कलेक्टर ने कहा दो जगह पर शिकायत आई थी। दोनों ठेकेदार को नोटिस दिया है। एक जगह पेमेंट रोक दिया है। मगर जब शिवराज ने कार्यपालन अभियंता से पूछा कि अभी कितनी योजनाओं से पानी देना शुरू हुआ है? तो ईई बोले कि 77 योजनाओं के तहत पानी देना शुरू हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रीचेक कराइए, ग्रामीणों की संतुष्ठिका स्तर नहीं बढ़ा तो क्या फायदा। गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर उन्होंने बैठक में नाराजगी व्यक्त की और बैठक में ही माफी मांगने को कहा। इस पर ईई ने माफी मांगी।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ियों में पोषण आहार वितरण व्यवस्था को कलेक्टर से क्रॉस चेक करते रहने को कहा तथा विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण व कार्य समय सीमा में करने पर जोर दिया।उन्होंने अनूपपुर जिले में शिशु मृत्यु दर में सुधार और टी.बी. के प्रबंधन में जिले द्वारा राज्य में प्रथम स्थान पर प्राप्त करने पर प्रसन्नता भी व्यक्त की।