मिशन एमपी 2023 की गूंज ठीक एक साल पहले से ही दोनों ही ख़ेमो में सुनाई देने लगी है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही कार्यकर्ताओं का हौसला मजबूत करने के लिए बूथ स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है.
बीजेपी की तरफ से पीएम मोदी ही अब मोर्चे पर नज़र आ रहे हैं. अगर पीएम मोदी के बीते कार्यक्रमों की बात करें तो उन्होंने करीब एक महीने में दो बड़े कार्यक्रम किये. जिसमें पहला चीतों का आगमन और दूसरा उज्जैन महाकाल लोक का भव्य लोकार्पण शामिल है.
पीएम का तीसरा बड़ा कार्यक्रम-
दिवाली के शुभ अवसर पर धनतेरस के दिन पीएम मोदी 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सतना जिले के कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे. एमपी में यह उनका तीसरा बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है. बता दें कि इस अवसर पर पीएम मोदी प्रदेश के साढ़े 4 लाख हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराएंगे.
मिशन एमपी पर शाह का बयान-
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तो ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल के विस्तार का शिलान्यास करते हुए एमपी मिशन 2023 पर बड़ा बयान दिया. अमित शाह बोले, मध्य प्रदेश ने भ्रष्टाचारी कांग्रेस सरकार का अनुभव कर लिया है, सब देख लिया है. अब फिर से गलती मत करिएगा, मोदी जी पर भरोसा रखकर, कमल के निशान पर बटन दबाकर, भाजपा की सरकार बनाइएगा.
कांग्रेस आलाकमान बेखबर-
अगर कांग्रेस की बात करें तो पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस समय एमपी मिशन 2023 से पूरी तरह से दूर हैं. किसी भी शीर्ष नेता ने अब तक एमपी का दौरा नहीं किया है. लेकिन कमलनाथ कार्यकर्ताओं के साथ तैयारियों में जुट गए हैं. उन्होंने हाल ही में (पार्टी अध्यक्ष के नामांकन के दौरान) कहा था कि मैं मध्यप्रदेश नहीं छोडूंगा, मैं एमपी से अपना ध्यान नहीं मोड़ना चाहता क्योंकि विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करना है.
AAP की भी एंट्री तय-
इस बार आम आदमी पार्टी भी एमपी में अपनी सियासी जमीन तलाशने में जुट गई है. फ़िलहाल AAP की तरफ से कोई भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया हैं. किसी भी बड़े नेता ने अभी तक एमपी का दौरा नहीं किया है लेकिन ज़िला स्तरों पर कार्यकर्ताओं में बैठकों का दौरा जारी हैं.