लंबे इंतज़ार के बाद मध्यप्रदेश के नये मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला हो ही गया है।  मोहन यादव प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में सोमवार को  मोहन यादव को नया CM चुना गया है। मोहन यादव अब तक शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री थे। वे उज्जैन दक्षिण से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुँचे हैं। 

मोहन यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बेहद करीबी हैं  और ओबीसी का चेहरा हैं । इस कदम को भाजपा की 15-20 वर्षों के लिए एक नई लीडरशिप तैयार की रणनीति माना जा रहा है। मोहन यादव के साथ दो उपमुख्यमंत्री जगदीश  देवड़ा और  राजेंद्र शुक्ला को नियुक्त किया गया है। नरेंद्र सिंह तोमर का नाम विधानसभा अध्यक्ष के लिए रखा गया है।

भाजपा विधायक दल की बैठक में 'सर्वसम्मति से मोहन यादव नाम पर मुहर लगाई गई। बैठक के लिये आलाकमान से नियुक्त तीनों पर्यवेक्षक समेत सभी भाजपा विधायक सोमवार को भोपाल पहुंचे। विधायक दल की बैठक से पहले बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक हुई। भोपाल में पर्यवेक्षक मनोहरलाल खट्टर, के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा भोपाल ने सभी विधायको से रायशुमारी के बाद मध्यप्रदेश के नए सीएम के नाम का एलान किया।

छत्तीसगढ की ही तरह मप्र में भी नाम को लेकर सिर्फ अटकलों व अनुमानों का दौर चल रहा था, यहां तक कि बीजेपी के बड़े नेताओं को भी हाइकमान की मंशा नही मालूम थी। अलबत्ता माना जा रहा है कि खट्टर दिल्ली से ही नाम लेकर आए। मप्र में शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहलाद पटेल, वी. डी. शर्मा और कैलाश विजयवर्गीय का नाम सीएम पद के दावेदारों में शामिल था।

इधर भोपाल में भाजपा विधायक दल की बैठक की तैयारियां सुबह ही पूरी कर ली गई थीं। हॉल समेत पार्टी कार्यालय को फूलों से सजाया गया है। केंद्रीय पर्यवेक्षक यहां चार बजे के पहले पहुंचेंगे। दोपहर एक बजे से विधायकों को भी पार्टी कार्यालय पहुंचने के लिये कहा गया था। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ रायशुमारी के पहले भाजपा के सभी विधायकों का दोपहर 3.30 बजे फोटो सेशन हुआ। फिर 4 बजे से विधायक दल की बैठक शुरू हुई।