मुख्यमंत्री के रूप में अपने नाम के ऐलान के बाद मोहन यादव ने कहा कि मैं पार्टी का एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं। प्यार और सहयोग के लिए पार्टी की स्टेट लीडरशिप और केंद्रीय लीडरशिप का बहुत बहुत धन्यवाद। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाऊंगा।
भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री की घोषणा कर दी है। विधानसभा चुनाव 2023 में उज्जैन दक्षिण से चुनाव जीते डॉ. मोहन यादव को एमपी के नए सीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा विधायक दल की बैठक में 'सर्वसम्मति से मोहन यादव नाम पर मुहर लगाई गई।
मोहन यादव के साथ ही मध्यप्रदेश में दो डिप्टी सीएम के नामों का भी एलान किया गया है। जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला को डिप्टी सीएम बनाया गया है। वहीं वरिष्ठ बीजेपी नेता नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा स्पीकर पद के लिए चुना गया है।
मोहन यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बेहद करीबी हैं और ओबीसी का चेहरा हैं । इस कदम को भाजपा की 15-20 वर्षों के लिए एक नई लीडरशिप तैयार की रणनीति माना जा रहा है। कहा जा रहा है, कि बीजेपी ने क्षेत्रवाद के साथ-साथ जातिगत समीकरण भी साधने के लिए ये फैसला लिया है।
बैठक के लिये सभी भाजपा विधायक सोमवार को भोपाल पहुंचे। विधायक दल की बैठक से पहले बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक हुई। भोपाल में पर्यवेक्षक मनोहरलाल खट्टर, के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा भोपाल ने सभी विधायको से रायशुमारी के बाद मध्यप्रदेश के नए सीएम के नाम का एलान किया।
बैठक से पहले ऑब्जर्वर खट्टर शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। माना जा रहा है, कि उन्होंने हाईकमान की रणनीति से उन्हें पहले ही अवगत करा दिया गया।छत्तीसगढ की ही तरह मप्र में भी नाम को लेकर सिर्फ अटकलों व अनुमानों का दौर चल रहा था, यहां तक कि बीजेपी के बड़े नेताओं को भी हाइकमान की मंशा नही मालूम थी। अलबत्ता माना जा रहा है कि खट्टर दिल्ली से ही नाम लेकर आए।