प्रदेश में भाजपा के प्रचंड जीत के बीच दतिया से मध्यप्रदेश सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की हार हैरान करने वाली है। लगातार जीत रहे नरोत्तम मिश्रा का विजयी रथ इस बार कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने रोक दिया है। हालाँकि हार के बाद भी नरोत्तम मिश्रा ने हौसला बुलंद रखा है।
विधानसभा चुनाव हारने के बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा सोमवार 4 दिसंबर को दतिया में अपने समर्थकों से रूबरू हुए। उन्होंने यहाँ कहा कि मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार आपकी है, ललकार आपकी है और दरकार भी आपकी है।
उन्होंने अपने विरोधियों को चेताते हुआ कहा कि समुद्र का पानी घटता देखकर किनारे पर घर मत बनाना, मैं वापस आऊंगा। यह एक वादा है, आप भी जानते हैं कि मैं ज्यादा देर तक चुप रहने वालों में से नहीं हूं?
नरोत्तम ने आगे कहा कि मेरा कार्यकर्ता पहले भी और अब भी मेरी जान से प्यारा है। पहले आप सोचते होंगे कि मैं चुनाव के कारण ऐसा कह रहा हूं। मेरा कार्यकर्ता मेरे प्राणों से प्यारा तब भी था अब भी है। सच में कार्यकर्ताओं में मेरे प्राण बसते हैं। मैं जीतूं या हारूं ये मान कर चलना।
बता दें कि नरोत्तम मिश्रा ने सरकार के लिए हमेशा संकटमोचक की भूमिका निभाई। चाहे सदन के अंदर हो या सड़क पर, उन्होंने हमेशा विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। सरकार के प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने हर मुद्दे पर गंभीरता से सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष को भी करारा जवाब दिया। सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव हो या विपक्ष के आरोप, उन्होंने हमेशा अपनी आवाज बुलंद रखी।