MP EOW Raid: रतलाम में अकाउंटेंट के घर पर छापा, धार में पिता के घर भी पहुंची टीम


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स्टोरी हाइलाइट्स

विकास सोलंकी को भ्रष्टाचार के एक मामले में 7 महीने पहले निलंबित कर दिया गया था..!!

EOW ने मध्य प्रदेश में छापेमारी की बड़ी कार्रवाई की है। रतलाम में टीम ने नगर निगम के पूर्व उपायुक्त और वर्तमान में नगर निगम के लेखाकार विकास सोलंकी के घर पर छापा मारा। एक टीम धार में उनके पिता के घर भी पहुंची। विकास सोलंकी को भ्रष्टाचार के एक मामले में 7 महीने पहले निलंबित कर दिया गया था।

इंदौर से अधिकारियों की एक टीम सुबह करीब चार बजे सोलंकी के ग्लोबस कॉलोनी स्थित पैतृक निवास और धार के रिंगनोद गांव पहुंची। ईओडब्ल्यू के इंदौर डीएसपी पवन सिंघल के नेतृत्व में एक टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार यह मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है।

नगर निगम के लेखा अधिकारी विकास सोलंकी के घर के बाहर भी अधिकारी मौजूद हैं। विकास सोलंकी की पत्नी प्रीति देहरिया जिला पंचायत में लेखा अधिकारी हैं। भाई इंदौर और जोबट के बीच दो बसें चलाता है। उनके पिता नंदकिशोर सोलंकी आदिम जनजाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक हैं। वहीं, धार के रिंगनोद में नंदकिशोर सोलंकी के घर पर सोमवार सुबह करीब 6 बजे से EOW की कार्यवाही चल रही है। 

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। माता, बड़े भाई और भाभी पैतृक घर में रहते हैं। विकास सोलंकी पहले भी विवादों में रहे हैं। 7 महीने पहले उज्जैन लोकायुक्त ने राजीव गांधी सिविक सेंटर के प्लॉट बेचने के मामले में सोलंकी समेत 36 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। सिविक सेंटर की करोड़ों रुपए की जमीन को कम कीमत पर बेचने का आरोप था। मामला दर्ज होने के बाद सोलंकी को नगर निगम आयुक्त के पद से निलंबित कर दिया गया। विभागीय स्तर पर कार्रवाई के बाद उनका निलंबन समाप्त कर दिया गया और उन्हें लेखा अधिकारी बना दिया गया।

7 और 9 मार्च को आयोजित रतलाम नगर निगम सम्मेलन में पार्षदों ने सिविक सेंटर भूखंड की अवैध बिक्री की शिकायत की थी। कहा गया कि खाली प्लॉट को मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) के ध्यान में लाए बिना ही पंजीकृत कर दिया गया। लोकायुक्त ने 11 जून को तत्कालीन निगम आयुक्त एपीएस गहरवाल, उपायुक्त विकास सोलंकी, उप पंजीयक रतलाम प्रसन्न गुप्ता सहित 36 अन्य जमीन क्रेता-विक्रेताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।

लोकायुक्त की एक टीम भी रतलाम आई और मामले से संबंधित दस्तावेज अपने साथ ले गई। इसके बाद निगम कमिश्नर गहरूवाल को निलंबित कर दिया गया। उपायुक्त सोलंकी को भी हटा दिया गया। लोकायुक्त ने माना कि भूमि का पंजीकरण रतलाम नगर निगम के अधिकारियों ने अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत करके किया था। सरकार को धोखा देने से वित्तीय नुकसान हुआ। फिलहाल EOW की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।