MP New CM Mohan Yadav: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री की घोषणा कर दी है. विधानसभा चुनाव 2023 में उज्जैन दक्षिण से चुनाव जीते डॉ. मोहन यादव को एमपी के नए सीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

वहीं, जगदीश देवड़ा और राजेश शुक्ला को डिप्टी सीएम बनाने पर मुहर लगाई गई है. चलिए, आपको एमपी के नए सीएम डॉ. मोहन यादव के राजनीतिक सफ़र के बारें में बताते हैं.

राजनीतिक सफ़र पर एक नज़र-

दरअसल, मोहन यादव को मंत्री पद तक पहुंचने के लिए 41 सालों तक संघर्ष करना पड़ा है. उन्होंने माधव विज्ञान महाविद्यालय से छात्र राजनीति की शुरुआत की थी. पार्टी में कई पदों पर रहने के बाद सरकार में उन्हें मंत्री बनने का मौका मिला है.

कई बार वह बयानों को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं में भी रहे हैं. साल 1982 में वे माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव और 1984 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे हैं. उन्होंने साल 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री और 1986 में विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली. 

यही नहीं 1988 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्य प्रदेश के प्रदेश सहमंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं. वहीं, 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री और 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं. साल 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खंड कार्यवाह, सायं भाग नगर कार्यवाह और 1996 में खण्ड कार्यवाह और नगर कार्यवाह रहे हैं.

संघ में सक्रियता की वजह से मोहन यादव 1997 में भाजयुमो प्रदेश समिति में अपनी जगह बनाई. 1998 में उन्हें पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य भी बने. इसके बाद उन्होंने संगठन में रहकर अलग-अलग पदों पर काम किया. साल 2004-2010 के बीच वह उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) रहे. 

हालांकि, 2011-2013 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) भी बने. पहली बार 2013 में वह विधायक बने. उसके बाद 2018 में भी पार्टी ने उन पर भरोसा किया और वह चुनाव जीतने में सफल रहे. 2020 में जब बीजेपी की सरकार बनी तो मोहन यादव फिर से मंत्री बने. अब उन्हें 2023 में प्रचंड जीत के बाद एमपी का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है.