मुख्यमंत्री मोहन यादव के शपथ लेने के बाद दिए गए पहले ही आदेश पर प्रशासन कल से फुल एक्शन में नज़र आएगा। शहरी क्षेत्रों में खुले में मांस-मछली की बिक्री रोकने के लिए 15 दिसंबर से पूरे प्रदेश में पंद्रह दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकरों पर भी नजर रखी जाएगी।
पूरे प्रदेश में इस अभियान को शासकीय विभाग आपसी समन्वय से अंजाम देंगे। इसमें नगरीय प्रशासन विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अमले मिलकर काम करेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव वीरा राणा खुद इस अभियान की प्रतिदिन रिपोर्ट लेंगी।
अभियान के तहत खुले में मांस, मछली बेचने वालो के खिलाफ चालानी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही धार्मिक स्थलों से सौ मीटर की दूरी के भीतर इनके विक्रय और प्रदर्शन पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही मांस, मछली विक्रेताओं से लाइसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
वहीं प्रदेश के मंदिर-मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकरों को चिन्हित कर उन्हें रोका जाएगा। आवासीय क्षेत्रों में पचास डेसिबल दिन में और रात में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि नहीं होना चाहिए। साइलेंट जोन में यह सीमा दिन में पचास और रात में चालीस रहेगी।
गौरतलब है कि राज्य के नये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शपथ लेते ही सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सीएम यादव ने केबिनेट की पहली बैठक में धार्मिक स्थलों पर तेज़ आवाज वाले लाउडस्पीकर पर रोक और खुले में मांस/ मछली की बिक्री पर रोक लगाने जैसे दो बड़े फैसले लिए थे।