भोपाल: कल 7 फरवरी से प्रारंभ हो रहे मप्र विधानसभा के सत्र में सरकारी विभागों के प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किये जायेंगे बल्कि ये प्रतिवेदन आगामी जुलाई माह में होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किये जायेंगे। इसकी सूचना संसदीय कार्य विभाग ने सभी विभागों को जारी कर दी है।
उल्लेखनीय है कि 7 फरवरी से प्रारंभ विधानसभा सत्र में सिर्फ चार माह का लेखानुदान यानि वोट आन एकाउण्ट पेश किया जाना है क्योंकि लोकसभा के आम चुनाव होने जा रहे हैं। पहले संसदीय कार्य विभाग ने सभी विभागों को फरवरी सत्र में ही प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने के लिये कहा था।
इससे सभी विभागों ने अपने वार्षिक प्रशासनिक प्रतिवेदन तैयार कर लिये थे। परन्तु अब संसदीय कार्य विभाग ने यह प्रतिवेदन जुलाई-अगस्त सत्र में पेश करने के लिये कहा है क्योंकि जुलाई-अगस्त सत्र में शेष आठ माहों का आम बजट प्रस्तुत किया जायेगा तथा उसी समय विधायकों को बजट पर बोलने के लिये इन प्रतिवेदन को पढ़ने की जरुरत होती है।