मध्य प्रदेश के जैतहरी में अनूपपुर वन परिक्षेत्र के अनूपपुर-बिलासपुर रेल खंड के उमरिया बीट के मध्य जरेली गांव के पास जंगल में विचरण कर रही एक मादा भालू और उसके दो शावकों की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया।

मामले की जानकारी स्टेशन मास्टर तक पहुंचने के बाद जिले के अनूपपुर वन मंडल अधिकारी और वन विभाग का मैदानी अमला मौके पर पहुंचा। तीनों ने मृत भालुओं के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

वन डिपो जैतहरी में एक पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने के बाद वन अधिकारियों की उपस्थिति में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। बताया गया कि वन क्षेत्र के जैतहरी के उमरिया, वेंकटनगर, धनगवां, लपटा, बीड़ सहित कई बीटों में भालुओं की संख्या अधिक है, जो देर शाम भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमते हैं और सुबह होते ही जंगल में चले जाते हैं।

बुधवार-गुरुवार की रात मादा भालू की अपने दो बच्चों के साथ घूमते हुए सुबह जरेली गांव के आसपास भोजन की तलाश थी। इसी दौरान रेलवे लाइन पार कर जंगल की ओर लौटते समय अज्ञात ट्रेन से टकरा जाने से तीनों की मौत हो गई। वेंकटनगर की ओर से एक मालगाड़ी आ रही थी। इससे पहले भी इसी स्थान के पास ही ट्रेन से कटकर एक भालू की मौत हो गयी थी।

गौरतलब है कि चूंकि यह क्षेत्र भालूओं का निवास है और अनूपपुर-बिलासपुर रेल खंड के बीच तीन रेलवे लाइनें हैं, इसलिए अक्सर ट्रेनों टकरा जाने से जंगली जानवरों की मौत हो जाती है।