गांधी मेडिकल कॉलेज में डॉ. अरुणा कुमार की पुन: पदस्थापना के आदेश के बाद जूनियर डॉक्टरों का विरोध रंग लाया है। सरकार ने गांधी मेडिकल कॉलेज में डॉ. अरुणा कुमार की पुन: पदस्थापना के आदेश निरस्त कर दिए हैं।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस सामान्य में आदेश जारी कर दिए हैं। जूनियर डॉक्टरों ने डॉ. अरुणा कुमार की पदस्थापना आदेश को निरस्त करने की मांग की थी। जूनियर डॉक्टरों ने आदेश निरस्त नहीं करने पर गुरुवार देर रात से हड़ताल पर जाने की चेतावनी तक दे डाली थी।

इधर भाजपा नेता  हितेश वाजपेयी ने  डॉ. अरुणा कुमार कासमर्थन किया है। उन्होंने लिखा- डॉ अरुणा कुमार इतनी अच्छी टीचर हैं फिर भी इतना "विरोध" और "विवाद" उनसे क्यों आजीवन जुड़ा रहा जबकि ढेर सारे मेडिकल टीचर्स हैं लेकिन वे सब अपना कार्य एसा करते हैं कि वे सब वाकई प्रतिष्ठित हैं ?

गौरतलब है कि जीएमसी के स्त्री रोग विभाग की डॉक्टर बाला सरस्वती सुसाइड केस को लेकर जूनियर डॉक्टर 31 जुलाई 2023 को हड़ताल पर चले गए थे। जूनियर डॉक्टर विभाग की प्रोफेसर डॉ. अरुणा कुमार को हटाने की मांग कर रहे थे। जूडा और तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की बैठक में कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म हुई थी। अब फिर अरुणा कुमार को प्रोफेसर बना कर जीएमसी भेजने पर जूडा ने देर रात हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी।