स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 5-स्टार रेटिंग के साथ भोपाल देश का पांचवां सबसे स्वच्छ शहर बन गया है। खबर मिलते ही भोपाल में नगर निगम के कर्मचारियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। नगर निगम और सफाईकर्मी बीएमसी दफ्तर के सामने नाचने लगे। इस दौरान नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने ढोल बजाया और कर्मचारियों को मिठाई भी खिलाई।
इससे पहले यह शहर वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो वर्षों तक देश में दूसरे स्थान पर था। स्वच्छता अधिकारियों के मुताबिक, गीला, सूखा और मेडिकल समेत पांच तरह के कचरे के प्रसंस्करण में भोपाल ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक समारोह में विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इस मौके पर सीएम मोहन यादव मौजूद रहे। भोपाल की पिछली रैंकिंग छठवीं थी। इस बार राजधानी ने टॉप-5 में जगह बनाई है।
राजधानी में हर दिन औसतन 800 टन कचरा निकलता है। इसमें 300 टन गीला और 500 टन सूखा कचरा है। इसके साथ ही मेडिकल वेस्ट भी उत्पन्न होता है। गीले व सूखे कचरे को लेकर निगम ने कई प्रभावी कदम उठाये हैं। इससे रैंकिंग में सुधार हो रहा है।
साथ ही गार्बेज फ्री सिटी के रूप में भोपाल को 5 स्टार रेटिंग भी मिली है। इसके पीछे निगम के कई ऐसे काम हैं, जो इस श्रेणी में शामिल हैं। इनमें सी एंड डी संयंत्र, जैव-सीएनजी और बेहतर अपशिष्ट निपटान शामिल हैं। तत्कालीन निगमायुक्त केवीएस चौधरी कोलसानी ने सीएंडडी प्लांट, बायो सीएनजी और चारकोल प्लांट को लेकर एजेंसियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जिसके चलते उनका काम अब अंतिम चरण में है।