भोपाल में शुक्रवार देर रात एक वकील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह वारसिवनी (बालाघाट) का रहने वाला था। भोपाल में रहते हुए वह यहां जिला न्यायालय में वकालत कर रहे थे। पुलिस को शव आंखों पर पट्टी बंधा हुआ मिला। मृतक के कानों में हेडफोन लगे थे।
पुलिस को कमरे में शराब की बोतलें और डिस्पोजल भी मिले। घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जिससे आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
वकील के रिश्तेदार इंद्रदेश गजभिए ने बताया कि आनंद बंसोड़ का बेटा अंशुल बंसोड़ (28) 5 साल से भोपाल के त्रिलंगा की विकास कुंज कॉलोनी में किराए से रह रहा था। यहां से एलएलबी करने के बाद उन्होंने भोपाल जिला न्यायालय में वकालत शुरू की।
उनके पिता वारसिवनी (बालाघाट) में पीडब्ल्यूडी में एसडीओ के पद पर पदस्थ हैं। बड़े भाई मुंबई में आरबीआई में तैनात हैं। पुलिस को शुक्रवार देर रात अंशुल की आत्महत्या की जानकारी मिली।
एसआई एसएन साहू ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक अंशुल ने अपनी मां का फोन नहीं उठाया। बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर मां ने अंशुल के दोस्तों को इसकी जानकारी दी। दोस्त कमरे पर पहुंचे तो गेट अंदर से बंद था। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गेट तोड़कर शव को बाहर निकाला।