भोपाल: वन विभाग में वृक्षारोपण की गड़बड़ियों की शिकायत आम है। मामला तब गंभीर बन जाता है, जब बार-बार एसडीओ की रिपोर्ट पर डीएफओ कार्रवाई नहीं कर रहें है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में दस्तावेज और फोटो संलग्न किए हैं, बावजूद इसके डीएफओ ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है। दिलचस्प पहलू यह है कि वर्तमान डीएफओ सागर में जब पदस्थ है तो वह वृक्षारोपण की गड़बड़ी की जांच अभी भी झेल रहे हैं।

वृक्षारोपण में गड़बड़ी का मामला खरगोन वन मंडल के भीकनगांव रेंज का है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि 10 हजार से अधिक पौधे जंगल में फेंक दिए गए जिनका प्लांटेशन नहीं किया गया। यही नहीं प्लांटेशन के लिए खोदे गए गड्ढे के पास खाद और मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। इसकी तस्वीर भी एसडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में डीएफओ को भेजी है।

लिखित और मौखिक शिकायत करने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लेना, डीएफओ की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फर्जी औऱ घटिया काम के प्रमाणकों को पास करने के लिए दबाव बनाया जाता है।गढ्डों में मिट्टी परिवर्तन औऱ खाद डालना भी नहीं हुआ है।जेसीबी से मिट्टी औऱ खाद नालों में फेंके गए हैं। सूत्रों का कहना है कि एसडीओ के द्वारा दी गयी सूचना औऱ पत्रों पर रेंजर एवं स्टॉफ़ के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। इस मुद्दे को लेकर जब डीएफओ प्रशांत कुमार और मुख्य वन संरक्षक रमेश गनावा से बात करना चाही तो दोनों ने फोन रिसीव नहीं किया।

पौधारोपण गड़बड़ी की जांच झेल रहे हैं डीएफओ
खरगोन डीएफओ प्रशांत कुमार जब सागर दक्षिण में पदस्थित है तब वनीकरण क्षतिपूर्ति के तहत किए गए वृक्षारोपण में भी इसी तरीके की धांधली पाई गई थी। ऐसी गड़बड़ी के चलते उनके खिलाफ विवाह की जांच अभी भी चल रही है।  इसके बाद भी उनके क्षेत्र में हो रही पौधारोपण में हो रही गड़बड़ी पर किंकर्तव्य विमुढ़ बने हुए हैं।