मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बुधवार को एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में घपलेबाज़ी का आरोप लगाया है। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में EVM के माध्यम से गड़बड़ी कर चुनाव जीतें का आरोप लगाते हुए दिग्विजय सिंह चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े किये हैं।
भोपाल में अपने निवास पर दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि ईवीएम का सारा काम प्राइवेट लोगों के हाथ में है। जब सॉफ्टवेयर ही सब करता है तो वही सॉफ्टवेयर तय करेगा सरकार किसकी बनेगी। चुनाव आयोग भी निष्पक्ष न होकर दबाव में है। चुनाव आयोग से हम निष्पक्षता की उम्मीद करते हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने 120-130 सीटों पर नहीं बल्कि 230 सीटों पर ईवीएम में गड़बड़ी की। करीब 10% वोट का स्विंग किया, इसलिए हम कुछ सीटें 60-70 हजार एक लाख से हार गए।
उन्होंने कहा कि सवालों के जवाब चुनाव आयोग नहीं दे रहा है। हमसे कहते हैं कि 7 सेकंड के लिए वीवीपैट दिख जाता है, लेकिन वो जो दिखता है वही छपता है इसकी क्या गारंटी है? पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज विश्व में 5 देश ऐसे हैं, जहां EVM से वोट डाला जाता है। यहां सॉफ्टवेयर पब्लिक डोमेन में है। हमारे यहां 2003 से ही ऐसा नहीं है। कहते हैं इसमें समय लगेगा। अगर 5 साल के लिए सरकार तय करने के लिए 24-48 घंटे का समय भी नहीं दे सकते, हमसे हफ्ते भर ईवीएम की रखवाली कराते हैं, तो ईमानदारी से वोटिंग और काउंटिंग क्यों न हो।