मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तस्वीर साफ़ होते नज़र नहीं आ रही है। शुक्रवार को सीएम डॉ. मोहन यादव की दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद ये कयास लगाए जा तरह थे कि उनकी वापसी के साथ ही मंत्रिमंडल आकार ले लेगा लेकिन अभी ऐसा होता नज़र नहीं आ रहा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर वापस भोपाल आ चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हरी झंडी मिल गई है। अब कभी भी मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है।
जबकि शनिवार को उनके दैनिक कार्यक्रम में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर समय का कोई जिक्र भी नहीं है। दोपहर बाद वे उज्जैन में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। ऐसे में मंत्रिमंडल का इंतज़ार ख़त्म होता तो नज़र नहीं आता।
इससे पहले यह माना जा रहा था कि मप्र में मंत्रिमंडल का गठन का फार्मूला दिल्ली में निकाला जा चुका है, इसमें कुछ वरिष्ठ विधायकों को मंत्री बनाने पर लगभग सहमति बन गई है। कम से कम तीन सीनियर चेहरे कैबिनेट में नजर आ सकते हैं। वहीं दो बार मंत्री रह चुके चेहरों के बजाए इस बार नये चेहरों को मंत्री बनाना लगभग तय हो गया है।