भोपाल: प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित पेंच टाईगर रिजर्व के कोर एरिया से बफर क्षेत्र में चीतलों को बसाया जायेगा। ऐसा इसलिये किया जायेगा क्योंकि पेंच टाईगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में बाघों की संख्या काफी है और वे अपने आहार के लिये बफर क्षेत्र में कैटल प्रजाति जिसमें गायें भी शामिल हैं, शिकार कर रहे हैं। यह कैटल प्रजाति वहां इसलिये है क्योंकि उसमें काफी गांव हैं। हालांकि ये गांव दूर-दूर स्थित हैं।
उल्लेखनीय है कि एक बाघ साल में करीब 72 चीतलों को खा सकता है। वैसो उसे आहार के लिये अन्य वन्य प्राणी सूअर आदि भी उपलब्ध हैं और वह उनका भी शिकार करता है। पेंच टाईगर रिजर्व के कोर एरिया में 60 हजार से अधिक चीतल मौजूद हैं। बफर क्षेत्र से टाईगर कोरिडोर भी है जो कान्हा टाईगर रिजर्व तक जाता है। इसीलिये इसमें बाघों की संख्या काफी है। वैसे पेंच रिजर्व में बाघों की कुल संख्या साठ के आसपास बताई जाती है।चूंकि कोर एरिया से बफर क्षेत्र में चीतलों को स्थानांतरित करने की अनुमति राज्य शासन देता है इसलिये राज्य शासन ने वन विभाग की वन्य प्राणी शाखा से पूछ लिया है कि पहले वह यह बताये कि कोर एरिया में बाघों के लिये चीतलों की पर्याप्त संख्या है या नहीं। अब वन्यप्राणी शाखा इसकी जानकारी राज्य शासन को भेजने जा रहा है कोर एरिया में चीतलों की सरप्लस संख्या है तथा बफर क्षेत्र में ट्रांसलोकेशन करने से कोर एरिया प्रभावित नहीं होगा।