मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कुछ जिलों में बादल छाए रहने से बारिश की स्थिति बन रही है। कहा जा रहा है, कि प्रदेश  में और भी ज्यादा सर्दी बढ़ने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री तक नीचे जाने का अनुमान है, प्रदेश में सर्द हवाओं के चलते अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है।

मध्य प्रदेश में ठंड के बीच बादलों ने डेरा डाल दिया है। आने वाले 72 घंटों के दौरान तापमान में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है। महीने के आखिर में बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान स्थिर बना हुआ है।

ठंडी हवाओं के कारण कई जगहों पर ठंड महसूस की गई। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के नौगांव में 8.5, रीवा में 8.6, उमरिया में 8.6, मलाजखंड में 9.2, जबलपुर में 10.5, खजुराहो में 10, सतना में 10.5, ग्वालियर में 9, दतिया में 9, खरगांव में 11.6, बी1212 में 12.6 प्रतिशत तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस में दर्ज किया गया।

वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो मलाजखंड में अधिकतम तापमान 22 डिग्री, पचमढ़ी में 22.02, रायसेन में 23, उज्जैन में 25.5, भोपाल में 24.3, धार में 24.3, ग्वालियर में 25.6, 24.02 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हवाएं दिशा खो देंगी और सोमवार को एक बार फिर ठंड का अनुभव हो सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि 2 दिन बाद रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। 22 दिसंबर से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसकी वजह से मध्य प्रदेश का मौसम भी बदल सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों ने सोमवार को किसी भी जिले में किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया।