मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्ष 2019 एवं 20 में चयनित 686 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और उनसे संवाद किया।सीएम यादव ने भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
इस दौरान नव-नियुक्त अधिकारियों ने सीएम से कई सारे सवाल भी पूछे और सीएम यादव ने उतने ही रोचक तरीके से उन सवालों के जाब भी दिए।
प्रकाश कुमार उपाध्याय 19 नायब तहसीलदार ने सीएम मोहन यादव से पूछा की इतने व्यस्त जीवन में समय का निर्धारण कैसे करते है, जवाब में सीएम मोहन यादव ने कहा कि समय प्रबंधन करने के लिए मैं डायरी में अपनी दिनचर्या नोट करता हूं। महत्वपूर्ण कामों को पहले खत्म करता हूं। आगे बढ़ने के लिए केवल ललक होनी चाहिए।

अंकित चौबे का सवाल था, परीक्षा की तैयारी में दोस्तो की बहुत भूमिका होती है। तिस पर सीएम यादव ने ज़वाब दिया। हम अपने जीवन में कोई भी काम करते है तो सहयोग करने वालो की जरूरत पड़ती है। मैंने होटल चलाते हुए पढ़ाई की और छात्र राजनीति की। मेरे वही मित्र है जो परमात्मा के आशीर्वाद के चलते पहले भी मदद करते थे और आज भी करते है।

आयुषी साहू का सवाल था। आप लोकसेवा क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे है। आप यह बताइए कि जन समस्याओं को हल करने में कौन सी तीन बातो का ध्यान रखना चाहिए। इस पर सीएम बोले जाने अंजाने में हमसे कोई गलती नहीं होना चाहिए। इरादा हमेशा सही होना चाहिए। हमे कोई काम नही टालना चाहिए। तीसरी सबसे बड़ी बात हमे कभी अपनी जड़ों को नही भूलना चाहिए।
अभिनव आर्य ने सीएम यादव से पूछा, प्रदेश के विकास को लेकर क्या प्राथमिकता है, इस पर सीएम बोले, आखिरी व्यक्ति के जीवन में बदलाव आना चाहिए। हमारी गौरवशाली परंपरा है। सर्वे भवन्तु सुखिन पर विचार करना चाहिए। सभी विभाग मिलकर बेहतर कार्य करे जिससे मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में नंबर वन रहे।

इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने अपना अनुभव साझा करते हुए अभ्यर्थियों को बताया कि सन 86 में एक चेयर मैन ने जब मुझसे पूछा की क्या करोगे तब मैं लड़कपन में कह दिया था कि मेरे अंडर में कई आईएस काम करेंगे। जब मैं विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बना तब मैं देखा कि यहां कई अधिकारी मेरे अंडर में है।
सीएम मोहन यादव ने कहा, वर्षो की तपस्या आप लोगों ने की इसलिए आप लोग आज इस मुकाम पर पहुंचे है। यह एक सुखद संयोग है कि अयोध्या में राम लला का प्राण प्रतिष्ठा हुई है। एक तरह से देश में सुशासन की प्राणप्रतिष्ठा हुई है।

सीएम ने कहा, यह नियुक्ति पत्र नहीं बल्कि विश्वास पत्र है। प्रदेश में सुशासन की स्थापना करने में आप लोग सहयोग करें। लआप लोग आगे बढ़ना चाहते है उसमे मैं पूरा सहयोग करूंगा। चुनौतियों के आगे कभी सिर नही झुकाना चाहिए। आप लोगों के उज्जवल भविष्य के लिए भगवान महाकाल से मैं प्रार्थना करूंगा। तकनीकी के हर क्षेत्र में हमे दक्षता हासिल करना चाहिए। पीएम मोदी का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने पीएम बनने के बाद कई सारी भाषाओं को सीखा है।