मध्यप्रदेश में नए साल से पहले पारे की गिरावट से प्रदेश में ठिठुरन बढ़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक अगले सप्ताह की शुरुआत से पारा और गिरेगा, जिसके चलते ठंड और बढ़ जाएगी। कंपकंपा देने वाली ठंड के चलते स्वास्थ्य विभाग ने कोल्ड वेव यानी शीतलहर चलने की स्थिति में उससे बचने के लिए एडवायजरी जारी की है।

स्वास्थ्य विभाग  के मुताबिक सर्दी में सर्दी-जुकाम, बुखार, निमोनिया, त्वचा रोग, फेफड़ों में संक्रमण, हाईपोथर्मिया, अस्थमा, एलर्जी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सतर्कता बरतना जरूरी है।

शीतलहर के प्रभाव से त्वचा पीली, सख्त और संवेदन शून्य हो सकती है। साथ ही लाल फफोले पड़ सकते हैं। यह एक गंभीर स्थिति होती है, जिसे गैंगरीन भी कहा जाता है। इसलिए शीतलहर से पहले लक्षण पर ही तत्काल डॉक्टर से सलाह ले लें। प्रभावित अंगों को तत्काल गर्म करने का प्रयास किया जाए।

अत्यधिक कम तापमान वाले स्थानों पर जाने से बचें। जरूरत हो तो ही रात में घर से बाहर निकले। ठंड से प्रभावित अंगों का गुनगुने पानी से इलाज करें।कर सतर्क रहने को कहा गया है।