भोपाल: अब प्रावधान के विरुध्द पटाखे फोडऩे पर क्षतिपूर्ति वसूली की जायेगी। इसके लिये एनजीटी ने प्रदेश के मुख्य सचिव एवं डीजीपी को निर्देश जारी किये हैं तथा इसके पालन में पुलिस मुख्यालय ने भी सभी जिला एसपी को हिदायत जारी कर दी है।

अपराध अनुसंधान शाखा के विशेष पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह द्वारा जारी निर्देश में एनजीटी सेंट्रल जोनल बैंच भोपाल द्वारा डा. पीजी नाजपाण्डे विरुध्द मप्र शासन एवं अन्य में पारित आदेश का हवाला दिया गया है तथा इसका पालन करने के लिये कहा है। आदेश में मुख्य सचिव सहित डीजीपी को एनजीटी ने कहा है कि जिला कलेक्टर को यदि शिकायत मिलती है कि निर्धारित प्रावधान के विरुध्द पटाखे फोड़े जाते हैं तो वह संबंधित व्यक्ति से क्षतिपूर्ति का निर्धारण कर उसकी वसूली करा सकेगा। एनजीटी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के 31 अक्टूबर 2021 को दिये आदेश का भी पालन करने के लिये कहा है। साथ ही मप्र के ग्वालियर, भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर के कलेक्टरों से कहा है कि वे सामयिक रुप से अपने जिले में वायु प्रदूषण का स्टेण्डर्ड देखें और उसके अनुसार कार्यवाही करें।

यह किया है प्रावधान :

क्रिसमस पर्व एवं नव वर्ष संध्या पर रात्रि 11.55 बजे से रात्रि 12.30 बजे तथा गुरु पर्व पर प्रात: 4 बजे से प्रात:  5 बजे तक एक घण्टे तक समय रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना/उल्लंघन की दशा में संबंधित थाना प्रभारी व्यक्तिश: जिम्मेदार माने जायेंगे।

पटाखों के निर्माण में बेरियम साल्ट का उपयोग न हो। लड़ी वाले पटाखे न चलें। अधिक तीव्रता वाले पटाखे न फोड़े जायें। पटाखों का ई-कामर्स कंपनियों अथवा निजी व्यक्तियों द्वारा आनलाईन विक्रय तथा गैर लायसेंसी विक्रय न हो। ग्रीन पटाखे ही फोड़े जायें।