मध्यप्रदेश के चुनाव नतीजों में मिली जीत हार को लेकर अपने-अपने तर्क तलाशे जा रहे हैं। कांग्रेस ने करारी हार पर मंथन के साथ एक बार फिर EVM पर सवाल उठा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पोस्टल बैलेट में मिली कांग्रेस की बढ़त का डाटा शेयर करते हुए EVM की काउंटिंग को कटघरे में खड़ा किया है।
दिग्विजय सिंह ने पोस्टल बैलेट में मतों के डेटा की तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने लिखा कि तस्वीरों के आँकड़ों में एक प्रमाण है जो यह बताता है कि पोस्टल बैलेट के ज़रिए हमें यानी कांग्रेस को 199 सीटों पर बढ़त है। जबकि इनमें से अधिकांश सीटों पर ईवीएम काउंटिंग में हमें मतदाताओं का पूर्ण विश्वास न मिल सका।
दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा कि यह भी कहा जा सकता है कि जब तंत्र जीतता है तो जनता (यानी लोक) हार जाती है। हमें गर्व है कि हमारे ज़मीनी कार्यकर्ताओं ने जी जान से कांग्रेस के लिए काम किया और लोकतंत्र के प्रति अपने विश्वास को पुख़्ता किया। अब कुल 230 सीटों के आँकड़े आपके पास हैं। पोस्टल बैलेट के ज़रिए कांग्रेस और बीजेपी को पड़े वोटों की संख्या विश्लेषण के लिए प्रस्तुत है…
सोचने की बात यह है कि जब जनता वही है तो वोटिंग पैटर्न इतना कैसे बदल गया?
वहीं दूसरी ओर विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ ने हार की समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने कांग्रेस के सभी 230 प्रत्याशियों को मंगलवार को भोपाल बुलाया है। सभी प्रत्याशियों से कमलनाथ फीडबैक लेंगे और नतीजों पर चर्चा करेंगे।