मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहली बार लाड़ली बहनों के खाते में बुधवार को राशि ट्रांसफर की। इसके लिए राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने 1.29 करोड़ की राशि लाड़ली बहनों के खातों में  सिंगल क्लिक से 1576.61 करोड़ रुपए ट्रांसफर किये।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राशि ट्रांसफर किए जाने को लेकर सवाल उठाए। अब इसे लेकर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने नेता प्रतिपक्ष को आड़े हाथों लिया है। साथ ही लाड़ली बहना योजना के तहत लाभ पाने वाली बहनों की संख्या को लेकर आंकड़े भी साझा किए हैं।

आशीष अग्रवाल ने लिखा है, कि झूठ की फैक्ट्री से फेक प्रोडक्ट निकालने में कांग्रेसी बहुत फास्ट हैं। उमंग सिंघार जी, कम से कम नेता प्रतिपक्ष की गरिमा के अनुरूप जांच परखकर तो आप प्रतिक्रिया देते... लाड़ली बहनों की संख्या कम होने की वास्तविक स्थिति तो पता कर लेते...चलिए खैर सत्य और तथ्य इस ट्वीट में संलग्न है उस पर नजर जरूर डालिए। 

पंजीकृत आवेदन की सूची में किसी भी प्रकार की काट छांट नहीं की गयी, न ही किसी हितग्राही को योजना से बाहर किया गया है। संख्या में जो अंतर आ रहा है वह मृत्यु, लाभ परित्याग, उम्र अधिक होने से पात्रता सीमा से बाहर होने के कारण आ रहा है। अतः आपका ट्वीट पूर्णतः भ्रामक है। आपको झूठ फैलाने पर माफी मांगनी चाहिए और लाड़ली बहनों के खाते में राशि पहुंचाने के लिए भाजपा सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहिए।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने X हैंडल पर सरकार के दो विज्ञापनों के आधार पर एक पोस्ट शेयर करके एक बार फिर नई सरकार पर सवाल उठाए हैं। सिंघार ने लिखा है नई सरकार ने घटाई दो लाख लाड़ली बहना।

सिंगार ने लिखा- झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। क़र्ज़ का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्ही में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी, जब सितंबर में शिवराज CM थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए CM मोहन यादव जी ने इस संख्या को छाँटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए CM मोहन यादव ही तय करेंगे।

सिंगार ने इस बीच भाजपा की अंदरुनी राजनीति पर कटाक्ष भी किया। उन्होंने लिखा- नए CM क्यों चाहेंगे कि लाड़ली बहना के 'प्यारे भैया' शिवराज जी ही बने रहें और मोहन यादव जी आपकी योजना को कर्ज लेकर ढोते रहें! 'लाड़ली बहना योजना' को लेकर लोगों की शंका गलत नहीं है कि CM बदलते ही इस योजना पर तलवार लटकी है। सरकार भले #BJP की है, पर CM का चेहरा तो नया है! अब लाड़ली बहनों को भी समझ आ रहा है कि ये #BJP का चुनावी पाखंड था, जिसका रंग उतरने लगा है!