दमोह जेल मस्जिद के पास शनिवार रात कुछ लोगों के बीच हो रहे झगड़े में बीच-बचाव करने पहुंचे मस्जिद के इमाम के साथ कुछ युवकों ने अभद्रता की और उनकी बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी।
यह खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग विरोध करते हुए थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। पुलिस ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया।
दमोह में थाने का घेराव करने की घटना को लेकर जिला कलेक्टर मयंक अग्रवाल द्वारा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। कलेक्टर अग्रवाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि, दमोह में 5 फरवरी, 2024 की रात असामाजिक तत्वों ने थाना कोतवाली का घेराव कर नारेबाजी की एवं कानून व शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास किया था। मामले में मीना मसराम, अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, दमोह को मजिस्ट्रियल जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
आपको बता दें, कि दमोह जिला जेल की मस्जिद के इमाम से शनिवार रात हुई बदसलूकी के मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद रविवार को एक समुदाय विशेष के 40 लोगों के खिलाफ सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया। अब पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर इन सभी की पहचान कर गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।
एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की गई। इस तरह कोई भी कानून हाथ में नहीं लिया जा सकता। अपराधियों के खिलाफ धारा 153ए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिये गये हैं।