मध्य प्रदेश का 68वां स्थापना दिवस एक नवंबर को मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस  के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बधाई देते हुए नाम लिए बिना जनता से कांग्रेस को वोट न देने की अपील की, वहीं पीसीसी चीफ कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अधूरे कार्यों को पूरा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता को राज्य की स्थापना के बारे में बताया। बधाई देते हुए सीएम शिवराज ने कहा, मध्यप्रदेश बीमारू राज्य से विकसित हुआ है जो प्रदेश की भाजपा के शासनकाल में ही संभव हुआ। एक जमाने में मध्यप्रदेश को बीमारू और पिछड़ा राज्य कहा जाता था.. लेकिन आज हम समृद्ध और विकसित राज्यों की अगली पंक्ति में खड़े हैं। मध्यप्रदेश को अभी और आगे ले जाना है, इसलिए मेरा आपसे ये निवेदन भी है कि... जिन्होंने मध्यप्रदेश को अंधेरों और गड्ढों का, भ्रष्टाचार और घोटालों का प्रदेश बना दिया था, उनसे प्रदेश को बचाना है।

फिलहाल आचार संहिता के कारण हम कार्यक्रम आयोजित करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि 2003 के बाद मध्य प्रदेश में हर क्षेत्र में विकास हुआ है। वहीं देशभर में विकसित राज्यों की सूची में मध्य प्रदेश पांचवें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में और विकास का नया चरण तैयार हो चुका है। राज्य में प्रति व्यक्ति आग 11 हजार रुपये थी। अब यह एक लाख 10 हजार रुपये हो गई है। सीएम ने कहा कि राज्य को और अधिक विकास की जरूरत है। इसे आगे बढ़ाना होगा, इसके लिए हमें आशीर्वाद दें।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। कमलनाथ ने अपने X हैंडल पर लिखा कि आइए आज संकल्प लें कि हम मध्यप्रदेश को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन, सुरक्षा, सद्भावना और संस्कृति का पर्याय बनाने की अधूरी यात्रा को जल्द ही पूरा करेंगे और इसके माध्यम से हम मध्य प्रदेश को... राज्य में बनाएंगे।

प्रदेश बीजेपी अद्यक्ष वीडी शर्मा ने भी राज्य के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मीडिया से बातचीत के दौरान वीडी शर्मा ने अपने मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने का संकल्प लिया उन्होंने कहा, इस दिशा में लगातार काम चल रहा है। प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व के मन में इस दिशा में मध्यप्रदेश को सक्षम और स्वर्णिम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार, शिवराज सिंह और कार्यकर्ताओं और प्रदेश के सभी लोगों के नेतृत्व में मध्यप्रदेश नंबर वन राज्य बनेगा।