भोपाल: राज्य के ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने सरकारी कार्यालयों के बकाया बिजली के भुगतान हेतु पोर्टल विकसित कर दिया है। उन्होंने बकायादार विभागों के प्रमुखों को पत्र लिख कर कहा है कि विद्युत देयकों काभुगतान न होने से विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत उत्पादकों को समय से भुगतान एवं राज्य जेनको की उत्पादक इकाईयों के लिये कोयला कंपनियों को भुगतान में भी कठिनाई हो रही है। फिर केंद्र सरकार ने आरडीएसएस योजना में शर्त लगा रखी है कि सभी सरकारी कार्यालयों एवं स्थानीय निकायों द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों के देयकों का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित किया जाये।
ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव ने पत्र में बताया है कि शासकीय विभागों के बिजली बिलों के एकीकृत भुगतान हेतु एक पोर्टल बनाया गया है जिस पर विभाग अंतर्गत विभिन्न विद्युत कनेक्शनों की जानकारी एवं मुख्यालय स्तर से विद्युत देयकों का एकीकृत भुगतान किया जा सकता है।
राज्य के एक विभाग जल संसाधन पर 31 करोड़ 36 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है तथा इसके प्रमुख अभियंता शिशिर कुशवाहा ने ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव का पत्र मिलने के बाद अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों से कहा है कि वे ऊर्जा विभाग द्वारा विकसित पोर्टल पर दर्ज बिलों एवं कनेक्शनों की जांच कर लें तथा जो कनेक्शन जल संसाधन विभाग से संबंधित नहीं हैं, उन्हें विलोपित करायें एवं जो कनेक्शन प्रचलन में नहीं हैं उन्हें हटवायें और बकाया भुगतान करें जिसमें मुख्यालय स्तर से एकीकृत पेमेंट भी किया जा सकता है।