मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र 18 दिसंबर से शुरू होने वाला है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा अभी कांग्रेस यह तय नहीं कर पाई है। उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार रात तक कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष के नाम पर मुहर लगा देगी।
नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर हाल ही में हुई बैठक में ये जिम्मेदारी पार्टी आलाकमान पर डाल दी गई है। बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया गया था कि नेता प्रतिपक्ष का नाम आलाकमान तय करेगा। ऐसे में अब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं।
बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष के किसी एक नाम पर सर्वसम्मति नहीं बनने के बाद दिल्ली के पाले में गेंद डाली गई है। साथ ही विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद आलाकमान अब मध्यप्रदेश को लेकर पहले से ज्यादा सक्रिय है। प्रदेश को लेकर कांग्रेस हाईकमान अब कोई भी फैसला जल्दबाजी में लेने से बच रहा है।
बड़ी बात यह है कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ शामिल नहीं हुए थे। वे छिंदवाड़ा प्रवास पर थे। माना जा रहा है कि कांग्रेस किसी आदिवासी विधायक को नेता प्रतिपक्ष बनाने पर विचार कर रही है।
वहीं कांग्रेस में OBC चेहरे के तौर पर विजयपुर विधायक रामनिवास रावत और OBC कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाह के नाम भी चर्चा में हैं। विधानसभा चुनाव में इस बार नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह को हार का सामना करना पड़ा है।
एमपी के पीसीसी कार्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भवर जितेंद्र सिंह सहित, प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला सहित दिग्विजय सिंह, रामनिवास रावत,जयवर्धन सिंह, हेमंत कटारे सहित 66 नवनिर्वाचित विधायक मौजूद रहे थे।