दीपावली का त्यौहार सामने है। जिसे मनाने के लिए लोग एक से दूसरे शहर में जाने को तैयार है लेकिन ट्रेनों में नो रूम है। वेटिंग के टिकट भी नहीं मिल रहे हैं तो फ्लाइट्स में तीन गुना तक अधिक किराया लग रहा है। इस दीपावली आम और खास दोनों ही श्रेणी के लोग परेशान हैं। आमतौर पर ट्रेनों का सफर आम आदमी के लिए किफायती माना जाता है लेकिन भोपाल से दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, बेंगलोर समेत सभी दिशाओं में गुजरने वाली ट्रेनें फुल है। यहां तक कि प्रीमियम ट्रेनों में भी दीपावली तक बर्थ नहीं है। इनमें फ्लेक्सी फेयर चार्ट अलग लागू हो रहा है, जिसकी वजह से किराये में मामूली बढ़ोतरी हो रही है। यह फेयर तभी लागू होता है जब टिकट की मांग बढ़ती है, जो कि इस समय बढ़ी हुई है।
वहीं एयरलाइंस कंपनियों ने भी टिकट की मांग का फ़ायदा उठाते हुए किराये में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनियों का दावा है कि जब भी टिकट की मांग बढ़ती है स्वत ही फ्लेक्सी फेयर प्रणाली लागू हो जाती है इसलिए किराया अधिक चुकाना होता है। यह प्रणाली पुरानी है।
5 हजार का टिकट 15 हजार में भी नहीं मिल रहा
आमतौर पर फ्लाइट्स में भोपाल से मुंबई का टिकट 5 हजार रुपये तक मिल ही जात है, जो वर्तमान में कुछ कंपनियों की फ्लाइट्स में 15 हजार रुपये में भी नहीं मिल रहा है। यात्रियों का अनुभव है कि मुंबई, बेंगलोर, हैदराबाद से भोपाल लौटना सबसे महंगा है अन्य शहरों के टिकट भी महंगे हो गए हैं।
यह है किराया के बढ़ने का गणित
बताया जा रहा है कि अधिक यात्री मिलने के कारण कंपनियों ने डायनामिक फेयर बढ़ा दिए है। आमतौर पर स्पाट फेयर अधिक होता है। एक सप्ताह या इससे अधिक दिन पहले बुकिंग कराने पर किराया कम हो जाता है लेकिन बार कुछ शहरों का प्री-बुकिंग फेयर अधिक हो गया है। इसका कारण बड़े शहरों से भोपाल आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ना है। मध्यम वर्ग भी अब विमान का सफर कर रहा है इसका फायदा भी एयरलाइंस कंपनियां उठा रही हैं।
भोपाल से उड़ानों की स्थिति
भोपाल से दिल्ली, मुंबई तक सबसे अधिक उड़ानें हैं। दिल्ली तक छह तो मुंबई के लिए तीन उड़ानें हैं। बेंगलोर, हैदराबाद, अहमदाबाद, रायपुर रूट पर भी उड़ानें हैं। भोपाल से दिल्ली तक हाल ही में एक अतिरिक्त उड़ान शुरू हुई है। सीटों की संख्या बढ़ने से इस रूट पर अब भी दूसरे शहरों के मुकाबले कम किराया लिया जा रहा है।