मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और दोनों उप मुख्यमंत्री को शपथ लिए हुए हफ्ते भर से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक सीएम मोहन यादव के मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। लेकिन अब मंत्रिमंडल के गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है।
मंत्रिमंडल में उभरे पेंच के चलते आज फिर दिल्ली में मप्र के शीर्ष नेताओं के साथ हाईकमान बैठक कर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। यादव दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि आलाकमान से मुलाक़ात के दौरान मंत्रिमंडल के नामों पर मुहर लग जायेगी।
जानकार सूत्रों का कहना है कि पुराने चेहरों व नये चेहरों के बीच संतुलन साधने के फेर में यादव कैबिनेट में विस्तार अटक रहा है। हाईकमान सभी लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक मंत्री चेहरा देने की योजना पर काम कर रहा है लेकिन सांसद व केंद्रीय मंत्री पद छोड़कर चुनाव लड़ने वाले पुराने नेताओं को एडजस्ट करने का फार्मूला उलझ रहा है।
कहा जा रहा है, कि सांसद से विधायक बनें नेताओं को भी मंत्रीमंडल में जगह दी जाएगी। वहीं मंत्रीमंडल के गठन में पूर्व सीएम शिवराज की पसंद का भी ख्याल रखा जाएगा। प्रहलाद पटेल, राव उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक, राकेश सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को भी प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। चर्चा ये भी है, कि जो विधायक तीन से पांच बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, लेकिन किसी कारण से मंत्री नहीं बन सके मोहन कैबिनेट में उनको भी जगह दी जा सकती है।
ज्ञात हो कि मप्र में विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को आए थे, इसके बाद 13 दिसंबर को मोहन यादव ने मुख्यमंत्री और जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। इसके बाद से ही लगातार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा का दौर चल रहा है लेकिन अंतिम तौर पर कुछ तय नहीं हो पा रहा है।