प्रदेश पर बढ़ते क़र्ज़ के बीच शासन की योजनाओं को लेकर काफी चर्चा है। खाली खजाने और  चुनावी वायदों को देखते हुए सवाल ये भी है, कि क्या शिवराज  के जाने के बाद नई सरकार शासन की योजनाओं को यथावत जारी रखेगी।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के साथ सोशल मीडिया पर भी सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं को बंद किए जाने की बात भी कही जा रही है। अब सोशल मीडिया पर चल रही इन ख़बरों का सरकार ने खंडन किया है।

मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि सोशल मीडिया में मध्यप्रदेश शासन की योजनाएं बंद होने संबंधी चल रहीं खबरों से भ्रामक स्थिति उत्पन्न हो रही है, ये खबरें गलत और निराधार हैं। शासन द्वारा जारी आदेश 8 दिसंबर 2023 का है तथा वित्तीय अनुशासन हेतु इस प्रकार के आदेश हर वित्तीय वर्ष में जारी होते रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार पर करीब साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्ज है और भविष्य में योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए और कर्ज की जरूरत है। ऐसे में कई योजनाओं को गति से क्रियान्वित करना आसान नहीं है। लिहाजा मौजूदा स्थिति को देखते हुए वित्त विभाग ने न सिर्फ सभी विभागों को राजस्व वसूली लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया है, बल्कि कई विभागों की योजनाओं पर वित्तीय लगाम भी कस दी है। इसी आशय के पत्र को लेकर शासकीय योजनाओं पर रोक लगाए जाने की ख़बरें वायरल हो रही हैं।