मध्यप्रदेश में नई कैबिनेट का गठन हो चुका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने मंत्रिमंडल में कुछ पुराने चेहरो को दरकिनार करते हुए कई नए चेहरों पर भरोसा जताया है। बड़ी बात यह रही कि शिवराज सरकार में PWD मंत्री रहे और रहली से लगातार 9 बार विधायक का चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले विधायक गोपाल भार्गव को भी मोहन मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।

गोपाल भार्गव को मंत्री न बनया जाना सवालों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर भी अब इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जो चेहरा मुख्यमंत्री पद का दावेदार था उसे मंत्री तक नहीं बनाया।

हालांकि खुद गोपाल भार्गव ने इस बात पर बेहद नपी तुली प्रतिक्रिया दी है। भार्गव ने X पर एक पोस्ट लिख कर अपनी बात रखी है हालाँकि बाद में उन्होंने इस पोस्ट को हटा दिया।

उन्होंने इस पोस्ट में लिखा-  आज मप्र राज्य के मंत्री परिषद् का पूर्ण-रूपेण गठन हो गया है, मैं नव नियुक्त मंत्रीगणों को अपनी ओर से शुभकामनायें प्रेषित करता हूँ |प्रदेश भर से मेरे समर्थक मुझसे पूंछ रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ है कि आपको मंत्रिमंडल में नहीं लिया गया? मैंने उनसे कहा 40 वर्षो के लंबे राजनैतिक जीवन में अब तक पार्टी ने जो भी जिम्मेदारियां दी है उनको समर्पित भाव से पूर्ण किया है और आगे भी करते रहने के लिए संकल्पित हूँ। इसलिए आज मंत्री परिषद् के गठन में पार्टी द्वारा लिए गए निर्णय का मैं स्वागत करता हूँ। पद आते-जाते रहते हैं, पद अस्थायी हैं, पर जन विश्वास स्थायी है, इतने वर्षों तक मैंने अपने क्षेत्र और प्रदेश की जो सेवा की है वह मेरी पूंजी और धरोहर है। मेरे क्षेत्र ने मुझे प्रदेश का सबसे वरिष्ठ 9वीं बार विधायक बनाया जो देश में दुर्लभ एवं अपवाद है, मुझे 70% वोट देकर। जो सेवा की है वह मेरी पूँजी और धरोहर है। मेरे क्षेत्र ने मुझे प्रदेश का सबसे वरिष्ठ 9वीं बार विधायक बनाया जो देश में दुर्लभ एवं अपवाद है, मुझे 70% वोट देकर 73000 वोटों से जिताया यह ऋण मेरे ऊपर है। मैं जब तक इस क्षेत्र का विधायक रहूँगा कोई कमी या अभाव नहीं रहने दूंगा। राजनैतिक दलों के अपने अपने फॉर्मूले हैं। सामाजिक, क्षेत्रीय कारण हैं जिनके आधार पर पद दिए जाते हैं, उसके भीतर जाने या जानने में मेरी कोई रूचि नहीं है इसलिए मैं मौन हूँ। खाली समय में अब मैं प्रदेश में समाज को संगठित कर समाज उत्थान के लिए कार्य करूँगा।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार को हुआ है। सोमवार को 28 विधायकों ने राजभवन में मंत्रीपद की शपथ ली। राजभवन में 18 कैबिनेट, 4 राज्यमंत्री और 6 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार की शपथ  ली है।