मप्र की शिवराज मंत्रिपरिषद की आज 'आखिरी बैठक' मंत्रालय में हुई। यह बैठक 'विदाई' बैठक की तरह रही। इस मौके पर मंत्रियों के अलावा सभी अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अफसर भी मौजूद रहे। इस बैठक का कोई घोषित एजेंडा नहीं रहा, लिहाजा सभी मंत्रियों व अफसरों ने भी फिलहाल एक-दूसरे से विदा ली। इसमें मुख्यसचिव इकबाल सिंह बैंस को विदाई भी दी गई।
बताया जाता है कि कैबिनेट बैठक का माहौल काफी हल्काफुल्का रहा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मंत्रियों और अफसरों को संबोधित किया। इस मौके पर सीएम शिवराज ने कहा कि ' अपने लिए जिए तो क्या जिए, देश, समाज के लिए जीना ही जीना है, बैंस ने यही कर दिखाया है। उन्होंने अच्छा काम किया तथा जो भी काम उन्हें सौंपे गए वे बिना किसी तनाव, दबाव के उन्होंने पूरे किए।' चौहान ने कहा कि उनके कार्यकाल में सीएम राइज स्कूल, सिटीजन चार्टर और आनंद मंत्रालय बेहतर उपलब्धियां रही।
वहीं बैंस ने आनंद विभाग को अपनी प्रमुख उपलब्धि बताया व कहा कि यह एक पड़ाव ही है, अंत नहीं है, उनकी सक्रियता बनी रहेगी। हालांकि कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस बैठक पर आपत्ति जता चुके हैं। उनका कहना है कि यह मतगणना के लिये अफसरों पर दबाव बनाने के लिये बुलाई गई। वहीं संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह बैठक संसदीय परंपरा के तहत ही बुलाई गई है। विश्वास सारंग ने कहा कि बैठक का मतगणना से कोई संबंध नहीं है।