देश में हार्ट अटैक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोरोना काल के बाद से इसमें काफी बढ़ोतरी देखी गई है। चिंता की बात यह है कि युवा भी दिल के दौरे का शिकार हो रहे हैं। लोगों को इस बात की भी जानकारी नहीं है कि दिल का दौरा पड़ने के बाद मरीज को सबसे पहले कौन सा इलाज मिलना चाहिए।
लोगों को पता नहीं है कि कौन सी दवा लेनी है। डॉक्टरों का मानना है कि हार्ट अटैक के बाद का समय मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि उसे मौके पर ही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है।
कानपुर में एलपीएस कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। कानपुर के इस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने केवल 7 रुपए में एक किट तैयार की है जो हार्ट अटैक के मामलों में अस्पताल पहुँचने से पहले मरीज़ को आप घर पर दे सकते।
उन्होंने इस किट को राम किट का नाम दिया है। इस किट में तीन दवाइयां है Ecospirin 75 mg के 2 टेबलेट, Rosuvastatin 20 mg का 1 टेबलेट इन दोनों दवाइयों को पानी के साथ खा लेना है। Sorbitrate 5 mg इस दवाई को जीभ के नीचे रखना है।
ये दवाइयाँ आपके हृदय कि नली में बने खून के थक्के को हटाने में मदद करती है। लेकिन याद रखें की: ये किट पूरा इलाज नहीं है इसीलिए ये दवाई ले कर घर पर ना रुकें। हार्ट अटैक के लक्षण होने पर अस्पताल जायें। हमेशा बेहतर है की लेने से पहले एक बार अपने फिजिशियन से बात कर लें और उन्हें जानकारी दे दें। ये दवाई तभी दें जब मरीज़ होश में हो। अगर मरीज़ होश में नहीं है तो कभी भी कुछ खिलाने या पिलाने की कोशिश ना करें।
अगर इनमें से किसी भी दवाई से आपको एलर्जी है तो ना लें। हार्ट अटैक के लक्षण हैं सीने में बेचैनी। यह असहज दबाव, निचोड़ने, परिपूर्णता या दर्द जैसा महसूस हो सकता है। एक या दोनों बांहों, पीठ, गर्दन, जबड़े या पेट में दर्द या बेचैनी। सांस लेने में कठिनाई। यह सीने में तकलीफ के साथ या उसके बिना भी हो सकता है। अन्य लक्षण अन्य संभावित संकेतों में ठंडा पसीना आना, या चक्कर आना शामिल हैं।
एलपीएस कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल के डॉक्टर मरीजों को दवाओं के साथ-साथ मनोचिकित्सा भी प्रदान कर रहे हैं। यहां हृदय रोग के इलाज के लिए भर्ती मरीजों को धार्मिक किताबें पढ़ने के लिए दी जाती हैं। जिससे उनके मन को शांति मिले।