भोपाल: प्रदेश के वन क्षेत्रों में अब जादू-टोना-टोटका करने वाले बाबाओं, मदारियों एवं पण्डाओं के साथ क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा बैठक कर वन्यप्राणियों के शिकार को रोका जायेगा। इसके लिये वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा के पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव ने निर्देश दिये हैं। साथ ही वनों में घूमने वाले चरवाहों को भी सिस्टम में शामिल कर मुखबिर सूचना तंत्र विकसित किया जाये। वनों में पेंगोलिन की उपस्थिति अधिक हो गई है और इनके शिकार की घटनायें भी लगातार हो रही हैं। वाईल्ड लाईफ ट्रस्ट के एक्सपर्ट के माध्यम से गांवा वालों को जागरुक किया जाये जिससे पेंगोलिन एवं अन्रू वन्यप्राणियों की सुरक्षा हो सके।
कान्हा टाईगर रिजर्व में कारीडोर मेनेजमेंट सुदृढ़ होगा :
प्रदेश के कान्हा टाईगर रिजर्व मंडला में बाघ कारीडोर को सुदृढ़ किया जायेगा और इसके लिये महावत के दो रिक्त पद भरे जायेंगे। साथ ही कान्हा टाईगर रिजर्व के कोर जोन की 15 समितियों एवं बफर जोन की 150 समितियों में स्कील डेवलपमेंट किया जायेगा।