अब तक टिकटों के चयन में उलझी कांग्रेस और भाजपा अपना चुनाव प्रचार पूरे जोर से शुरू नहीं कर पा रही है। भाजपा विंध्य में नेताओं की नाराजगी से परेशान है तो कांग्रेस में एक दर्जन क्षेत्र मुश्किल के संकेत दे रहे है। इधर कमलनाथ से आज पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति समेत कई नेता कमलनाथ से मिलने पहुंचे। बुधनी के कुछ लोग उनके बंगले पर भी जमा है तथा उम्मीदवार विक्रम मस्ताल का विरोध कर रहे हैं। 

उधर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह शहडोल के दौरे पर हैं, वे नवरात्रि पर कंकाली देवी व सिंहवासिनी की पूजा करेंगे और जैतपुर तथा जयसिंहनगर में चुनावी जनसभा करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का दौरा अभी नहीं बन पाया है, वे टिकट की दूसरी सूची में व्यस्त हैं, हालांकि कांग्रेस कल भोपाल में अपना वचन पत्र जारी करने वाली है, पहले यह सोलह अक्टूबर को जारी होना था। इस बीच कांग्रेस ने अपने नाराज नेताओं को मनाने के लिये अंदरूनी तौर पर डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है, इन बागी नेताओं से चर्चा की जा रही है और एक जिम्मेदार सूत्र का मानना है कि 'अधिकांश मामलों' को नियंत्रित कर लिया जाएगा। 

दरअसल, टिकट को लेकर भाजपा में उभरे कतिपय असंतोष के बाद कल से कांग्रेस की सूची के बाद असंतोष मुखर है। नागौद में पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह ने तो बसपा का दामन थाम लिया है। आज प्रेमचंद गुड्डु ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालांकि उनकी बेटी को कांग्रेस ने टिकट दिया है। कांग्रेस में ऐसे दर्जनभर नेता हैं जो बगावत पर आमदा नजर आ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि नाराज नेताओं को मनाने के लिये दिग्विजय सिंह की भूमिका फिर शुरू हो गई है। वे ऐसे नेताओं के संपर्क में हैं। कमलनाथ भी कुछ नेताओं से बात कर सकते हैं। पार्टी ने पहले भी और अब भी नेताओं तक यह संदेश पहुंचाये हैं कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो उन्हें सत्ता में कोई पद दिया जा सकता है।

नाथ बोले- सोच समझकर दिए हैं टिकट
नाथ ने भोपाल में मीडिया से कहा सोच-समझकर ही सभी टिकट तय हुए हैं। 2-3 दिन में बाकी नाम घोषित होंगे। विरोध पर उन्होंने कहा बहुत सारी बाते व समीकरण देखना जरूरी होते हैं। बुधनी में कलाकार बनाम कलाकार का चुनाव है। इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया कि कांग्रेस ने प्रत्याशियों की नहीं, मप्र के भविष्य निर्माताओं की सूची जारी की है। इस सूची से मप्र की जनता को सकारात्मक रूप से सूचित किया गया है कि जिनमें निस्वार्थ भाव से जनसेवा का व्रत लेने का संकल्प किया है, उन्हें ही प्रतिनिधित्व करने के लिए आम जनता की राय पर अवसर दिया गया है। कांग्रेस की लिस्ट लोकतांत्रिक है। जबकि भाजपा की लिस्ट ऊपर-से- नीचे थोपी गयी है।

बाहरी नेताओं से उपजा बवाल
भाजपा की ही तरह कांग्रेस में भी बाहरी नेताओं के प्रयोग पर नाराजगी सामने आई है। कांग्रेस की पहली सूची में कुंवर कपिध्वज सिंह को गुढ़ से, रश्मि सिंह पटेल नागौद, बोध सिंह भगत कटंगी, नीरज शर्मा सुरखी, अवधेश नायक- दतिया, साहब सिंह गुर्जर ग्वालियर ग्रामीण, राव यादवेंद्र सिंह यादव मुंगावली बैजनाथ यादव कोलारस, अनुभा मुंजारे बालाघाट से प्रत्याशी बनाए गए हैं। वहीं आलोट से प्रेमचंद गुड्डू 21 को निर्दलीय नामांकन भर सकते हैं।

13 जगह मुश्किल में फंसी है कांग्रेस 
कांग्रेस को 13 सीट- दतिया, नागौद, इंदौर- 4, खरगापुर, महाराजपुर, नरयावली, सुवासरा, उज्जैन उत्तर ग्वालियर ग्रामीण, धरमपुरी, आलोट, बिजावर और बुधनी में कांग्रेस प्रत्याशियों का कार्यकर्ता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बुधनी में सीएम शिवराज सिंह के खिलाफ मैदान में उतारे गए विक्रम मस्ताल का भी विरोध हो रहा है। सतना जिले की नागौद सीट से 2013 में कांग्रेस विधायक रहे यादवेंद्र सिंह ने टिकट कटने के कुछ ही घंटे बाद भोपाल में बसपा जॉइन कर ली। वे अपनी पीड़ा बताते हुए फफक कर रो पड़े।