बगावत के बढ़ते सुरों के बीच भाजपा और कांग्रेस हाइकमान ने अब दखल दिया है. बगावत रोकने समझाइश के साथ सख्ती के निर्देश दिए गए हैं. हर हाल में बगावत कर रहे नेताओं को पर्चा दाखिल करने से रोके जाने की रणनीति पर काम किया जाने लगा है. 

सूत्रों का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मप्र के वरिष्ठ नेताओं से बात की है और जबलपुर में केंद्रीय मंत्री व चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के साथ हुए घटनाक्रम पर अप्रसन्नता जताई है तथा वस्तुस्थिति की पूरी जानकारी ली है। इसके बाद मप्र में नये सिरे से डैमेज कंट्रोल के लिये भाजपा कुछ दूतों को नाराज नेताओं तक भेज सकती है। 

सीएम शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा, नरेंद्र सिंह तोमर व कैलाश विजयवर्गीय अपने इलाकों में डैमेज कंट्रोल के लिये जरूरी मिशन पर हैं। भोपाल में पदाधिकारियों के इस्तीफे, धार में पूर्व मंत्री रंजना बघेल की मुखरता, सीधी में केदार शुक्ला के पैंतरों व ग्वालियर में अनूप मिश्रा की नाराजगी ने भाजपा को काफी परेशान कर रखा है। उधर ग्वालियर में पहली बार महल प्रांगण में नाराज नेताओं ने शोर मचाया है। 

भाजपा के एक सूत्र का कहना है कि टिकट वितरण में कुछ असंतोष को भांपा जा रहा था लेकिन यह इस हद तक जाएगा इसका अंदाजा नहीं था। उधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मप्र के मामलों में संज्ञान लेकर कमलनाथ समेत अन्य नेताओं से बात की है, उन्होंने रणदीप सुरजेवाला को भी कहा है कि वे सभी वरिष्ठ नेताओं से बात करके समाधान निकालें।