मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एक गरीब परिवार की आजीविका के साधन को बुलडोजर ने कुचलकर रख दिया। इस बीच नगर पालिका के अतिक्रमण निरोधक दस्ते की गुंडागर्दी भी देखने को मिली। 10 रुपये में चार समोसे बेच रहे तीन भाइयों के ठेले को नगर निगम कर्मचारियों ने जेसीबी से कुचल दिया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
दरअसल, इन दिनों जबलपुर नगर निगम प्रशासन शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इस बीच नगर निगम दस्ते की गुंडागर्दी भी देखने को मिल रही है। कोतवाली क्षेत्र में नगर निगम कर्मचारियों ने एक समोसा विक्रेता का ठेला जेसीबी से तोड़ दिया। इतना ही नहीं जब ठेले वालों के परिवारों ने इसका विरोध किया तो नगर पालिका ने तीनों भाइयों को जेल भेज दिया। अब नगर पालिका के अधिकारी इस पूरे मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जबलपुर के कोतवाली थाने के सामने एक परिवार ने समोसे का ठेला लगाया। इलाके में नगर निगम की टीम द्वारा कोतवाली क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। निगम का अतिक्रमण दस्ता कोतवाली थाने के सामने कार्रवाई करने पहुंचा तो समोसा विक्रेता उसे तुरंत कॉलोनी के अंदर ले गया। इससे नाराज निगम के कर्मचारियों ने गाड़ी को कॉलोनी के अंदर से निकालकर सड़क पर लाकर तोड़ डाला। स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया, लेकिन नगर निगम कर्मचारियों और पुलिस के खिलाफ कोई कुछ नहीं बोला।
पुलिस विरोध कर रहे ठेला मालिकों तीन भाइयों अमन साहू, अंकित साहू और अभिराज साहू को थाने ले गई और गिरफ्तार कर लिया। नगर निगम की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में इस लेकर काफी गुस्सा है। हर तरफ इस घटना का जमकर विरोध किया जा रहा है।
कई लोगों ने अपने X हैंडल पर इस वीडियो को शेयर भी किया है। साथ ही ये सवाल भी किया जा रहा है, कि 10 रुपए में 4 समोसे बेचने वाला कितना कमाता होगा।
इसे लेकर मेयर जगत बहादुर सिंह अन्नू का कहना है कि नगर निगम की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। यदि नगर पालिका द्वारा किसी की गाड़ी तोड़ी गई तो यह गलत है। उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में नगर पालिका के स्क्वायड अधिकारी से भी जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा पीड़ित पक्ष से भी बात की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों पक्षों से बातचीत के बाद मुआवजा दिया जाएगा.