कांग्रेस के नये अध्यक्ष जीतू पटवारी अब चार महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव के लिये अपनी तैयारी नई टीम के साथ करेंगे। माना जा रहा है कि अब हाइकमान की मंशा के मुताबिक क्षेत्रीय और जातीय समीकरण के आधार पर युवाओं को आगे लाया जाएगा। दरअसल कमलनाथ के स्थान पर जीतू पटवारी को अध्यक्ष और उमंग सिंघार को विधायक दल का नेता बनाकर संदेश दे दिया गया है । कल दिल्ली में पटवारी ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से मुलाकात की। वे अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ भी चर्चा करके टीम को अंतिम रूप देंगे। फिलहाल उन्होंने सभी मौजूदा पदाधिकारियों से अपना काम करते रहने को कहा है।

मप्र के चुनाव में करारी हार से निराश कार्यकर्ता में मनोबल बढ़ाने के प्रयास भी पटवारी करेंगे। हालांकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को अभी उम्मीद बाकी है। क्योंकि हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी जरूर हार गई पर छिंदवाड़ा सहित दस लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम के हिसाब से भाजपा को पराजय मिली है। इनमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, टीकमगढ़, मंडला, बालाघाट, रतलाम, धार और खरगोन सीट शामिल हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस यहां खासा जोर लगाने का प्रयास करेगी। इसके अलावा आदिवासी सीटों पर भी कांग्रेस अपना आधार बनाए रखने में कामयाब हुई है। लिहाजा पार्टी का फोकस इन क्षेत्रों पर भी होगा।

संतुलन साधने कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे
जानकारों का मानना है कि हाइकमान ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के लिये कह दिया है। यह नियुक्ति जल्द होने वाली है। यह प्रयोग कमल नाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनते समय भी किया था। उस समय जीतू पटवारी कार्यकारी अध्यक्ष थे। अभी पटवारी और उमंग सिंघार मालवा अंचल के हैं। जबकि, विधायक दल के उप नेता बनाए गए हेमंत कटारे ग्वालियर अंचल से आते हैं। इसलिये कांग्रेस विध्य, महाकोशल, बुंदेलखंड और मध्य भारत से कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने की कोशिश में है।